पंजाब के राइस मिलर्स द्वारा अनिश्चित कालीन मिल-बंदी की चेतावनी
15-Dec-2025 11:04 AM
फतेहगढ़ साहिब। पंजाब के राइस मिलर्स ने आगाह किया है कि अगर राज्य सरकार उनकी मांगों एवं समस्याओं को केन्द्र के समक्ष नहीं उठाती है और उसका यथाशीघ्र निराकरण नहीं करवाती है तो मिलर्स को अनिश्चित काल के लिए अपनी मिलों को बंद करने के लिए विवश होना पड़ेगा।
मिलर्स की प्रमुख मांगों को राज्य सरकार पहले से ही जानती है। मिलर्स का कहना है कि जब फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआर के) की आपूर्ति में सुधार नहीं आता है
तब तक कस्टम मिल राइस (सीएमआर) को स्वीकार किया जाए। इस सीएमआर चावल की आपूर्ति भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को की जाती है और निगम को उसका विश्लेषण करना चाहिए। इसके अलावा फोर्टिफाइड राइस कर्नेल की आपूर्ति नहीं करने से संबंधित मुद्दों का भी निराकार होना चाहिए।
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया राइस मिलर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष का कहना है कि भ्रष्टचार उन्मूलन के मिल प्रधानमंत्री द्वारा एक डिजिटल अभियान चलाया जा रहा है।
वर्ष 2022 में एफसीआई के डिलीवरी केन्द्रों पर स्वचालित अनाज विश्लेषक महीने लगाई गई थीं ताकि निगम को जिस कस्टम मिल्ड राइस की आपूर्ति की जाती है उसके दाने की गुणवत्ता का विश्लेषण किया जा सके।
इसके बाद वर्ष 2023 में निगम के डिपो पर इन महीनों को लगाया गया। इससे राइस मिलर्स को काफी राहत मिली। लेकिन अब इन महीनों के बजाए मैन्युअल तरीके से चावल के विश्लेषण का निर्णय सरकार ने लिया है जिससे मिलर्स का शोषण बढ़ेगा और भ्रष्ट अधिकारी अपनी मनमानी करेंगे।
