रूई के उत्पादन अनुमान में 3 लाख गांठ की बढ़ोत्तरी
29-Jul-2026 09:23 PM
मुम्बई। एक अग्रणी व्यापारिक संगठन- कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएआई) ने 2025-26 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के लिए पहले 334 लाख गांठ (170 किलो की प्रत्येक गांठ) कपास के उत्पादन का अनुमान लगाया था जिसे अब 3 लाख गांठ बढ़ाकर 337 लाख गांठ निर्धारित कर दिया है। उल्लेखनीय है कि सीएआई द्वारा प्रत्येक माह कपास के उत्पादन अनुमान की समीक्षा की जाती है जो देश के 11 प्रमुख कपास उत्पादक प्रांतों में क्रियाशील एसोसिएशन तथा अन्य व्यापारिक स्रोतों से प्राप्त सूचना, आंकड़ा एवं जानकारी पर आधारित होती है।
सीएआई ने 2025-26 के मार्केटिंग सीजन के दौरान उत्तरी क्षेत्र के राज्यों-पंजाब, हरियाणा एवं राजस्थान में पहले 29 लाख गांठ कपास के उत्पादन का अनुमान व्यक्त किया था और अपनी नई मासिक रिपोर्ट में भी उसमें कोई बदलाव नहीं किया है। लेकिन मध्यवर्ती जोन के लिए उत्पादन के अनुमानित आंकड़े को 203 लाख गांठ से बढ़ाकर 206 लाख गांठ नियत किया है। इसके तहत खासकर महाराष्ट्र में उत्पादन अनुमान बढ़ाया गया है जबकि गुजरात और मध्य प्रदेश में उत्पादन के आंकड़े को पिछले स्तर पर ही स्थिर रखा गया है। महाराष्ट्र में कपास का उत्पादन अनुमान 115 लाख गांठ से बढ़ाकर अब 118 लाख गांठ निर्धारित किया गया है। गुजरात में 70 लाख गांठ तथा मध्य प्रदेश में 17.50 लाख गांठ उत्पादन आंका गया है।
दक्षिणी जोन के उत्पादन अनुमान में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस संभाग के तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में संयुक्त रूप से 97 लाख गांठ कपास के उत्पादन की संभावना व्यक्त की गई है। इसके अलावा उड़ीसा में 3.50 लाख गांठ तथा देश के अन्य प्रांतों में 2 लाख गांठ कपास के उत्पादन का अनुमान लगाया गया है जो पिछली रिपोर्ट के बराबर है।
इसे मिलाकर राष्ट्रीय स्तर पर कपास का कुल उत्पादन 337 लाख गांठ बैठ रहा है। इन आंकड़ों से यह भी स्पष्ट हो गया कि 2025-26 के सीजन में गुजरात को बहुत बड़े अंतर से पीछे छोड़ते हुए महाराष्ट्र देश में कपास का सबसे अग्रणी उत्पादक राज्य बन गया। सितम्बर में 2025-26 का मौजूदा मार्केटिंग सीजन समाप्त होगा और अक्टूबर से 2026-27 का नया मार्केटिंग सीजन आरंभ हो जाएगा जिसके लिए कपास की बिजाई का अभियान अभी जारी है।
