अगले मार्केटिंग सीजन में हल्दी का बकाया स्टॉक सीमित रहने का अनुमान

29-Jul-2026 09:21 PM

निजामाबाद। हालांकि ऊंचे बाजार भाव के कारण चालू सीजन के दौरान हल्दी के बिजाई क्षेत्र में 10-15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होने के संकेत मिल रहे है लेकिन मौसम एवं वर्षा की स्थिति अनुकूल नहीं होने से उत्पादन बढ़ने में संदेह है। उद्योग व्यापार क्षेत्र के अनुसार 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के दौरान देश में करीब 95 लाख बोरी (50 किलो की प्रत्येक बोरी) हल्दी का उत्पादन हुआ जबकि 15-20 लाख बोरी का पिछला बकाया स्टॉक मौजूद था।

घरेलू एवं निर्यात मांग को पूरा करने के लिए लगभग 110 लाख बोरी की आवश्यकता पड़ेगी। इसके फलस्वरूप 2026-27 के मार्केटिंग सीजन में हल्दी का बकाया अधिशेष स्टॉक काफी घट सकता और शुरूआती महीनों में इसकी आपूर्ति की स्थिति कुछ हद तक जटिल रह सकती है। 

यदि अल नीनो के प्रभाव से मानसून की बारिश में बाधा पड़ी तो हल्दी का उत्पादन घटने की आशंका बढ़ जाएगी। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु एवं कर्नाटक जैसे अग्रणी उत्पादक राज्यों में मानसून की पर्याप्त वर्षा नहीं हुई है और आगे भी बारिश की कमी बरकरार रहने की संभावना है। महाराष्ट्र में मानसून का प्रदर्शन बेहतर है मगर उड़ीसा में और बारिश की जरूरत है।         

मई 2026 के दौरान देश से हल्दी के निर्यात में अप्रैल के मुकाबले 26 प्रतिशत तथा मई 2025 की तुलना में 0.4 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि वैश्विक बाजार में हल्दी की मांग अभी मजबूत बनी हुई है। वैसे वार्षिक आधार पर निर्यात प्रदर्शन में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं देखा जा रहा है।

कुल मिलाकर जनवरी-मई 2026 के दौरान भारत से हल्दी के निर्यात में जनवरी-मई 2025 के मुकाबले करीब 6.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई क्योंकि ईरान युद्ध के कारण इसके शिपमेंट में कुछ बाधा उत्पन्न हो गई। हल्दी की मांग फिलहाल कुछ कमजोर है लेकिन मध्य अगस्त के बाद तेज हो सकती है और तब कीमतों में भी अच्छी तेजी आने की गुंजाइश रहेगी। अगली नई फसल आने तक हल्दी का भाव 140-150 रुपए प्रति किलो से ऊपर ही रहने की उम्मीद है।