News Capsule/न्यूज कैप्सूल: ऑस्ट्रेलिया दलहन बाजार: युद्ध का असर आने लगा
18-Mar-2026 12:54 PM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: ऑस्ट्रेलिया दलहन बाजार: युद्ध का असर आने लगा
★ मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक कृषि व्यापार पर भी दिखने लगा है। ऑस्ट्रेलिया से पल्सेस (चना और मसूर) के निर्यात में शिपिंग बाधाएं और बढ़ती लागत सामने आ रही हैं।
★ सामान्य तौर पर इस समय दक्षिण ऑस्ट्रेलिया और विक्टोरिया के किसान फसल बंदरगाहों तक भेजते हैं और वापसी में यूरिया लेकर आते हैं, लेकिन वर्तमान हालात में यूरिया की उपलब्धता कम होने से यह चक्र टूट गया है। ऐसे में कई किसान एकतरफा ट्रिप से बच रहे हैं, जिससे बल्क सप्लाई धीमी हो गई है।
~~~~~~
चना
★ ब्रिस्बेन में कंटेनर डिलीवरी पर चना कीमत लगभग ऑस्ट्रेलिया $700 डॉलर (500 अमेरिकन डॉलर) प्रति टन के स्तर पर है, जो फरवरी के मध्य से थोड़ा कम है।
★ कंटेनर व्यापार जारी, लेकिन भारत (मुंद्रा) और पाकिस्तान के लिए बल्क निर्यात लगभग रुक गया है। इसका मुख्य कारण बढ़े हुए समुद्री भाड़े और जोखिम प्रीमियम हैं।
~~~~~
मसूर
★ मसूर की कीमतें 660–680 डॉलर (483 अमेरिकी डॉलर) प्रति टन के बीच बनी हुई हैं। निपर किस्म 640 डॉलर ($455) और नगेट किस्म 720 डॉलर ($512) प्रति टन तक बिक रही है। श्रीलंका, पूर्वी भारत और बांग्लादेश से मांग स्थिर बनी हुई है, जबकि भारत के पश्चिमी तट के लिए फ्रेट रेट काफी बढ़ गए हैं।
★ फर्टिलाइजर की ऊंची कीमत और सीमित उपलब्धता के कारण आने वाले सीजन में किसान पल्सेस की बुवाई बढ़ा सकते हैं, क्योंकि इन फसलों में नाइट्रोजन की आवश्यकता कम होती है।
★ कुल मिलाकर, सप्लाई चेन में बाधाओं के बावजूद अंतरराष्ट्रीय मांग और सीमित बिक्री के चलते कीमतें फिलहाल मजबूत बनी हुई हैं।
