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22-Oct-2026 07:37 PM
मुम्बई। एक अग्रणी उद्योग संस्था- सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि चालू वर्ष के आरंभिक 9 महीनों में यानी जनवरी-सितम्बर 2026 के दौरान भारत से अरंडी तेल का सकल निर्यात (बल्क एवं कंटेनर) में बढ़कर 5,59,729 टन पर पहुंच गया जिससे 7800.52 करोड़ रुपए की आय प्राप्त हुई।
इसके मुकाबले वर्ष 2025 की सम्पूर्ण अवधि (जनवरी-दिसम्बर) में 6,78,167 टन अरंडी तेल के निर्यात से 9105.73 करोड़ रुपए तथा वर्ष 2024 6,94,610 टन के शिपमेंट से 8578.01 करोड़ रुपए की आमदनी प्राप्त हुई थी। उससे पूर्व वर्ष 2023 के दौरान देश से 8190.05 करोड़ रुपए मूल्य के 6,29,418 टन अरंडी तेल का निर्यात हुआ था।
उल्लेखनीय है कि भारत दुनिया में अरंडी का सबसे प्रमुख उत्पादक और अरंडी तेल का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। अरंडी तेल के वैश्विक निर्यात बाजार पर भारत का वर्चस्व बरकरार है।
'सी' की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2026 के दौरान देश से जनवरी में 47,210 टन, फरवरी में 51,505 टन, मार्च में 79,888 टन, अप्रैल में 94,234 टन, मई में 96,995 टन, जून में 52,152 टन, जुलाई में 45,659 टन, अगस्त में 43,382 टन तथा सितम्बर में 48,704 टन अरंडी तेल का निर्यात हुआ।
उपरोक्त आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल-मई के दौरान देश से अरंडी तेल का निर्यात उछलकर नए मासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। देश के सबसे प्रमुख अरंडी उत्पादक प्रान्त- गुजरात में मार्च-अप्रैल के दौरान अरंडी की नई फसल की जोरदार आवक होती है जिससे इसके तेल का विशाल उत्पादन होता है। इस बार अरंडी के बिजाई क्षेत्र में कमी आई है।