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तमिलनाडु में दूर-दूर तक भारी वर्षा होने से खेतों में पानी भरा

22-Oct-2026 05:49 PM

तमिलनाडु में दूर-दूर तक भारी वर्षा होने से खेतों में पानी भरा

चेन्नई। देश के सुदूर दक्षिणी राज्य- तमिलनाडु में उत्तर-पूर्व मानसून की सक्रियता बढ़ने से पिछले दिन दूर-दूर तक भारी वर्षा हुई जिससे खेतों के साथ-साथ कुछ बांधों जलाशयों में भी पानी भर गया। इससे खरीफ फसलों पर मिश्रित असर पड़ने की संभावना है।

निचले इलाकों में खेत जलमग्न हो गए हैं जिससे वहां फसलों को क्षति होने की आशंका है जबकि अपेक्षाकृत कम बारिश वाले क्षेत्रों में पिछैती बिजाई वाली फसलों को फायदा होने की उम्मीद है। तमिलनाडु में मध्य सितम्बर से ही खरीफ कालीन धान की कटाई-तैयारी जारी है। 

तमिलनाडु के विभिन्न भागों में पिछले कुछ दिनों से रुक रूककर भारी वर्षा हो रही है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की बारिश वहां कम हुई थी लेकिन उत्तर-पूर्व मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पहले कम वर्षा के कारण जिन बांधों-जलाशयों में जल स्तर घटकर नीचे आ गया था उसमें पुनः पानी का स्टॉक बढ़ने लगा है। इससे रबी फसलों की सिंचाई में अच्छी मदद मिल सकती है।

तमिलनाडु में राजधानी चेन्नई सहित आसपास के क्षेत्रों तथा दक्षिणी जिलों में जोरदार वर्षा होने से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कन्याकुमारी जिले तक भारी वर्षा का विस्तार देखा जा रहा है।

कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसा परिदृश्य बन गया है। ऊंचे इलाकों में हुई वर्षा बागानी फसलों के लिए लाभदायक साबित होगी। ज्ञात हो कि तमिलनाडु में रबी सीजन के दौरान भी धान की अच्छी खेती होती है। यदि बारिश का  दौर जारी रहा तो खेतों की मिटटी में नमी का पर्याप्त अंश मौजूद रहेगा और किसानों को धान की रोपाई में सहायता मिलेगी। 

उत्तर-पूर्व मानसून आमतौर पर अक्टूबर से दिसम्बर तक सक्रिय रहता है। इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 अक्टूबर को देश से प्रस्थान कर गया और 16 अक्टूबर से उत्तर-पूर्व मानसून सक्रिय हुआ। अन्य दक्षिणी राज्यों में भी अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।