मध्य प्रदेश में लालमिर्च की बिजाई गत वर्ष से अधिक

26-Jun-2026 06:52 PM

भाव अधिक होने से अन्य क्षेत्रों में भी बिजाई बढ़ने के अनुमान 

नई दिल्ली। चालू सीजन के दौरान देश में लालमिर्च का उत्पादन कम होने के कारण लालमिर्च के भाव गत वर्ष की तुलना में ऊंचे चल रहे हैं। जिस कारण से उत्पादक केन्द्रों पर लालमिर्च की बिजाई अधिक होने के समाचार मिल रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश में लालमिर्च की बिजाई का लगभग 75/80 प्रतिशत का कार्य पूरा हो चुका है अभी तक मिल रही जानकारी के अनुसार बिजाई गत वर्ष की तुलना में डेढ़ से दो गुणा अधिक होने के समाचार है। ऊंचे भावों के चलते आंध्र प्रदेश, तेलंगाना एवं कर्नाटक में भी बिजाई अधिक रहने के पूर्वानुमान लगाए जा रहे हैं। प्रमुख उत्पादक राज्य तेलंगाना, कर्नाटक एवं आंध्र प्रदेश में चालू सीजन के दौरान लालमिर्च की बिजाई 30/35 प्रतिशत कम क्षेत्रफल पर की गई थी। जिस कारण से पैदावार में भी कमी आई। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रमुख उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश में इस वर्ष लालमिर्च का उत्पादन सवा करोड़ बोरी का माना गया है जबकि गत वर्ष उत्पादन डेढ़ करोड़ बोरी का रहा था। इसके अलावा तेलंगाना में उत्पादन गत वर्ष में 60/65 लाख बोरी के मुकाबले 45/50 लाख बोरी रहने का अनुमान लगाए गए हैं। कर्नाटक एवं मध्य प्रदेश में भी उत्पादन गत वर्ष की तुलना में 30/35 प्रतिशत कम रहने के अनुमान लगाए गए थे। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में लालमिर्च की फसल अक्टूबर-नवम्बर माह में आती है जबकि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना एवं कर्नाटक में नए मालों की आवक जनवरी-फरवरी माह में शुरू होती है। 

स्टॉक कम 

उत्पादन में कमी आने के कारण चालू सीजन के दौरान उत्पादक केन्द्रों पर लालमिर्च का स्टॉक गत वर्ष की तुलना में कम रहा। प्राप्त जानकारी के अनुसार आंध्र प्रदेश की गुंटूर मंडी में स्टॉक 40/42 लाख बोरी का माना गया है। जबकि गत वर्ष स्टॉक 50/52 लाख बोरी का रहा था। इसके अलावा खम्मम में स्टॉक गत वर्ष 20/21 लाख बोरी के मुकाबले 14/15 लाख बोरी का रहा। वारंगल में भी स्टॉक 15/16 लाख बोरी होने के समाचार है जबकि गत वर्ष स्टॉक 18/19 लाख बोरी का रहा था। 

आवक 

वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर लालमिर्च की आवक काफी कम रह गई है लेकिन निर्यात व्यापार कम होने के कारण कीमतें नहीं बढ़ रही है। मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में गुंटूर मंडी में लालमिर्च की आवक 25/30 हजार बोरी की चल रही है जबकि खम्मम में आवक 10/12 हजार बोरी एवं वारंगल 5000/6000 बोरी की चल रही है। वर्तमान में गुंटूर मंडी में तेजा क्वालिटी का भाव 190/212 रुपए एवं खम्मम में 190/215 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा है। जोकि गत वर्ष की इसी समयावधि की तुलना में 50/60 रुपए प्रति किलो ऊंचे है। 

मन्दा नहीं 

जानकार सूत्रों का कहना है लालमिर्च की वर्तमान कीमतों में मंदे की संभावना नहीं है। आगामी दिनों में मांग निकलने के साथ ही कीमतों में तेजी संभव है क्योंकि मंडियों में स्टॉक कम है इसके अलावा मध्य प्रदेश की फसल भी आने में अभी 4/5 माह का समय शेष है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए संभावना व्यक्त की जा रही है। मध्य प्रदेश की नई आवक शुरू होने से पूर्व मंडियों में लालमिर्च का भाव 240/250 रुपए बन जाना चाहिए। 

निर्यात प्रभावित 

चीन की आशानुरूप मांग न होने के कारण वर्ष 2025-26 के दौरान लालमिर्च का निर्यात मात्रात्मक रूप में 4 प्रतिशत एवं आय में 9 प्रतिशत घटा है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के दौरान लालमिर्च का निर्यात 683681 टन का हुआ है और निर्यात से प्राप्त आय 10395.59 करोड़ की रही। जबकि वर्ष 2024-25 के दौरान लालमिर्च का निर्यात 715506 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 11404.9 करोड़ की रही थी।