महाराष्ट्र में चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का भारी बकाया मौजूद

18-Mar-2026 11:44 AM

पुणे। देश के सबसे प्रमुख चीनी उत्पादक राज्य- महाराष्ट्र में मिलों पर 28 फरवरी 2026 तक गन्ना किसानों का बकाया बढ़कर 4898 करोड़ रुपए के उच्च स्तर पर पहुंच गया।

इसे देखते हुए शीर्ष उद्योग संगठन- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) ने सरकार से तत्काल चीनी के एक्स फैक्ट्री न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोत्तरी करने का आग्रह किया है। 

चीनी उत्पादन का सीजन काफी आगे बढ़ चुका है और अब अंतिम चरण में पहुंच गया है इसलिए स्वदेशी उद्योग चीनी के एमएसपी में जल्दी से जल्दी समुचित इजाफा करने की मांग कर रहा है और सरकारी निर्णय का बेसब्री से इंतजार भी कर रहा है।

इस्मा का कहना है कि गन्ना के उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) में प्रत्येक वर्ष हो रही बढ़ोत्तरी तथा अन्य खर्चों में हुई वृद्धि के कारण चीनी उत्पादन का लागत खर्च काफी ऊंचा हो गया है जबकि दूसरी ओर चीनी का एमएसपी पिछले छह साल से 3100 रुपए प्रति क्विंटल पर ही स्थिर बना हुआ है।

इससे चीनी मिलों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है और नकदी प्रवाह पर दबाव पड़ने से गन्ना उत्पादकों के बकाए का भुगतान करने में उसे काफी दिक्कत हो रही है। चीनी उद्योग को अन्य चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है जिस पर सरकार को गम्भीरतापूर्वक ध्यान देना चाहिए। 

महाराष्ट्र में पिछले साल 28 फरवरी तक चीनी मिलों पर गन्ना मूल्य बकाया 2949 करोड़ रुपए दर्ज किया गया था जो इस वर्ष उछलकर 4898 करोड़ रुपए की ऊंचाई पर पहुंच गया।