खाद्य जिंसों का पर्याप्त वैश्विक स्टॉक मौजूद होने से कीमतों में भारी तेजी की उम्मीद नहीं
19-Jun-2026 03:29 PM
नई दिल्ली। हालांकि चालू वर्ष के दौरान मजबूत एवं शक्तिशाली अल नीनो के प्रभाव से दुनिया के कई भागों में मौसम एवं वर्षा की हालत प्रतिकूल रहने की संभावना है जिससे अनाज, दलहन एवं तिलहन सहित अन्य कृषि तथा खाद्य जिंसों के वैश्विक उत्पादन में गिरावट आने तथा भाव ऊंचा एवं तेज रहने का अनुमान लगाया जा रहा है लेकिन बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि विश्व स्तर पर इन उत्पादों का पर्याप्त पिछला बकाया स्टॉक उपलब्ध होने से उसकी आपूर्ति की स्थिति कम जटिल होगी और इसलिए कीमतों में अप्रत्याशित या जबरदस्त इजाफा होना मुश्किल है।
समीक्षकों के अनुसार दुनिया के कुछ महत्वपूर्ण कृषि उत्पादक क्षेत्रों में मौसम की हालत लगभग सामान्य रहने की उम्मीद है और खाद्यान्न का वैश्विक स्टॉक भी रिकॉर्ड स्तर के आसपास है। अल नीनो के खतरे को देखते हुए अभाव ग्रस्त आयातक देशों ने सटीक प्लान बनाना शुरू कर दिया है। इसके फलस्वरूप आगामी महीनों में अन्तर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य में सीमित तेजी का ही माहौल बनने की संभावना है।
अल नीनो की वजह से आमतौर पर एशिया महाद्वीप में गर्मी, अनावृष्टि एवं सूखे का संकट बढ़ जाता है जबकि उत्तरी एवं दक्षिणी अमरीका महाद्वीप में अतिवृष्टि तथा बाढ़ का खतरा बना रहता है। इन दोनों ही मौसमी परिस्थितियों से विभिन्न फसलों को नुकसान की आशंका बनी रहती है।
पिछली बार की तुलना में इस वर्ष का अल नीनो कुछ ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है इसलिए दुनिया भर के विश्लेषक कृषि उत्पाद बाजार में उतार-चढ़ाव के बारे में तरह-तरह का अनुमान व्यक्त कर रहे हैं।
खाद्य एवं कृषि संगठन (फाओ) का कहना है कि भारत में चावल एवं गेहूं का उत्पादन बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया और ब्राजील में सोयाबीन का उत्पादन उछलकर सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंचा।
ऑस्ट्रेलिया, कनाडा एवं रूस में मसूर का शानदार उत्पादन होने की उम्मीद है जबकि अमरीका, चीन एवं ब्राजील में मक्का के बेहतर उत्पादन के आसार हैं। चीनी का बाजार कुछ तेज रह सकता है।
