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28-Sep-2026 10:34 AM
नागपुर। पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान कपास के बिजाई क्षेत्र में एक लाख हेक्टेयर से अधिक की गिरावट आई है। जबकि गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना एवं कर्नाटक जैसे शीर्ष उत्पादक प्रांतों में वर्षा कम तथा अनियमित होने से फसल के विकास में बाधा भी पड़ रही है।
इसके फलस्वरूप कपास के घरेलू उत्पादन में 2025-26 के मुकाबले 2026-27 के सीजन में गिरावट आने की संभावना है। मालूम हो कि 30 सितम्बर 2026 को 2025-26 का मार्केटिंग सीजन समाप्त हो रहा है जबकि 1 अक्टूबर 2026 से 2026-27 का नया मार्केटिंग सीजन औपचारिक तौर पर आरंभ हो जाएगा।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि चालू खरीफ सीजन के दौरान 25 सितम्बर तक कपास का कुल उत्पादन क्षेत्र 109.74 लाख हेक्टेयर पर ही पहुंच सका जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 110.82 लाख हेक्टेयर से 1.08 लाख हेक्टेयर कम है।
उत्तरी क्षेत्र के राज्यों- पंजाब, हरियाणा एवं राजस्थान तथा दक्षिण क्षेत्र के प्रांतों- कर्नाटक एवं आंध्र प्रदेश में कपास का रकबा घटा है जबकि गुजरात, महाराष्ट्र एवं तेलंगाना में बढ़ा है।