केन्द्रीय पूल में विशाल स्टॉक से गेहूं बाजार पर दबाव कायम

22-Jun-2026 01:06 PM

नई दिल्ली। रबी सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न -गेहूं की सरकारी खरीद अभियान लगभग बंद हो चुका है लेकिन इस बार पहले ही विशाल खरीद होने तथा भारी-भरकम पिछला बकाया स्टॉक मौजूद रहने से केंद्रीय पूल में इसका कुल भंडार बढ़कर 500 लाख टन से भी आगे निकल गया है जो वर्ष 2021 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है इसमें 232 लाख टन यू आर एस श्रेणी का तथा शेष सामान्य औसत क्वालिटी का गेहूं शामिल है। 

सुरक्षित भण्ड़ारण की समस्या को देखते हुए प्रतीत होता है कि खाद्य मंत्रालय जल्दी ही भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को खुले बाजार बिक्री योजना (ओ एम एम एस) के अंतर्गत अपने स्टॉक से गेहूं बेचने की स्वीकृति दे सकता है जबकि थोक मंडियों में भी अच्छी आवक हो रही है। इसके फलस्वरूप गेहूं बाजार पर आपूर्ति का दबाव बना हुआ है और इसका भाव सरकारी समर्थन मूल्य 2585 रूपए प्रति क्विंटल से नीचे चल रहा है। 

इस बार सरकार ने 50 लाख टन गेहूं तथा 10 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात की अनुमति प्रदान की है लेकिन इसके अनुबंध एवं शिपमेंट की गति सुस्त बनी हुई है। निर्यातकों द्वारा अत्यंत सीमित मात्रा में मार्किट से गेहूं खरीदा जा रहा है जबकि मिलर्स/प्रोसेसर्स मांग सामान्य बनी हुई है।