कमजोर निर्यात मांग से कनाडा में मसूर का भाव नरम
30-Jan-2025 04:18 PM
वैंकुवर । कनाडा में मसूर का भाव चालू सप्ताह के दौरान कुछ नरम पड़ गया क्योंकि प्रमुख आयातक देशों के खरीदार इसकी खरीद में कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
भारत में भाव स्थिर रहने से आयातक अब ऊंचे दाम पर मसूर का सौदा करने से हिचक रहे हैं। यहां अगली नई फसल भी कुछ सप्ताहों में तैयार होकर मंडियों में आने वाली है।
दिलचस्प तथ्य यह है कि कनाडा में हरी मसूर का स्टॉक बचा हुआ है लेकिन फिर भी इसके मुकाबले लाल मसूर की कीमतों में कुछ हद तक मजबूती देखी जा रही है।
भारत में मसूर के शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा 31 मार्च 2025 को समाप्त होने वाली है और इसे आगे बढ़ाया जाएगा या नहीं-इसका मामला अनिश्चित बना हुआ है। ऐसी हालत में आयातक आगामी महीनों के शिपमेंट के लिए अनुबंध करने से हिचक रहे हैं।
पश्चिमी कनाडा और खासकर सस्कैचवान प्रान्त की मंडियों में मोटी हरी मसूर का भाव 58 सेंट प्रति पौंड पर स्थिर बना हुआ है।
पिछले कुछ दिनों से इसमें तेजी-मजबूती का माहौल बना हुआ था और ऐसा लग रहा था कि कम स्टॉक के कारण जल्दी ही यह 60 सेंट प्रति पोंड तक पहुंच सकता है।
लेकिन कमजोर मांग के कारण फिलहाल इस मूल्य स्तर का हासिल होना मुश्किल लगता है। आगामी फसल के लिए भी दाम गिरकर 47 सेंट प्रति पौंड पर आ गया है।
कनाडा में अप्रैल से मसूर की बिजाई शुरू होगी और अगस्त-सितम्बर में इसका नया माल तैयार होकर मंडियों में आने लगेगा। छोटी हरी मसूर का दाम भी कुछ नरम पड़ा है।
विश्लेषकों के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया में मसूर का उत्पादन घटने से कनाडा में लाल मसूर का भाव अपेक्षाकृत मजबूत बना हुआ है। ऑस्ट्रेलिया में मुख्यत: लाल मसूर का ही उत्पादन होता है।
इधर कनाडा में इस वर्ष हरी मसूर के बिजाई क्षेत्र में इजाफा होने की संभावना है जिससे इसकी कीमतों पर दबाव पड़ने लगा है।
दक्षिण एशिया में मसूर का सर्वाधिक आयात होता है जबकि मध्य पूर्व एवं खाड़ी क्षेत्र के देश भी इसकी खरीद करते हैं। अगले महीने मसूर की मांग कुछ बढ़ने की उम्मीद है।
