जायद फसलों का रकबा गत वर्ष से 2.3 प्रतिशत पीछे
25-Mar-2026 03:39 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि ग्रीष्मकालीन या जायद फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र इस बार 42.68 लाख हेक्टेयर पर ही पहुंचा है जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 43.69 लाख हेक्टेयर से 1.01 लाख हेक्टेयर या 2.3 प्रतिशत कम है। जायद फसलों का सामान्य औसत क्षेत्रफल इस बार 75.40 लाख हेक्टेयर आंका गया है जिसके मुकाबले रकबा बहुत पीछे है।
उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में मौजूदा जायद सीजन के दौरान धान का उत्पादन क्षेत्र 28.65 लाख हेक्टेयर से गिरकर 27.86 लाख हेक्टेयर, मोटे अनाजों का बिजाई क्षेत्र 6.84 लाख हेक्टेयर से घटकर 6.04 लाख हेक्टेयर तथा तिलहन फसलों का क्षेत्रफल 4.73 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 4.69 लाख हेक्टेयर रह गया जबकि दलहन फसलों का रकबा 3.47 लाख हेक्टेयर से 18 प्रतिशत बढ़कर 4.09 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
समीक्षाधीन अवधि के दौरान दलहन फसलों के संवर्ग में मूंग का उत्पादन क्षेत्र 2.18 लाख हेक्टेयर से 17.9 प्रतिशत बढ़कर 2.57 लाख हेक्टेयर तथा उड़द का बिजाई क्षेत्र 1.14 लाख हेक्टेयर से 12.3 प्रतिशत सुधरकर 1.28 लाख हेक्टेयर हो गया।
मोटे अनाजों में बाजरा का बिजाई क्षेत्र तो 1.35 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 1.38 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा लेकिन मक्का का रकबा 5 लाख हेक्टेयर से घटकर 4.24 लाख हेक्टेयर रह गया।
इसी तरह तिलहन फसलों में मूंगफली का उत्पादन क्षेत्र 2.87 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 2.98 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जबकि तिल का रकबा 1.42 लाख हेक्टेयर से गिरकर 1.35 लाख हेक्टेयर रह गया। ग्रीष्मकालीन फसलों की खेती अभी जारी है मगर गति धीमी पड़ गई है।
