गन्ना किसानों को बकाए के भुगतान में अच्छी प्रगति

09-Apr-2026 03:37 PM

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार का कहना है कि देश भर की चीनी मिलें गन्ना किसानों के बकाया मूल्य का भुगतान बेहतर ढंग से कर रही है और अभी तक 2025-26 के सीजन के दौरान 85 प्रतिशत से अधिक बकाया राशि का भुगतान किया जा चुका है। चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का बकाया अभी असहनीय स्तर तक नहीं पहुंचा है इसलिए सरकार को इसमें हस्तक्षेप करने की जरूरत महसूस नहीं हो रही है।

वरिष्ठ आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर चीनी मिलों द्वारा मौजूदा मार्केटिंग सीजन में गन्ना उत्पादकों को 942.02 अरब रुपए का अनुमान किया जा चुका है जो कुल बकाया राशि का 85.5 प्रतिशत है।

हालांकि इस बार गन्ना की अधिक मात्रा की क्रशिंग हुई है और गन्ना का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) भी बढ़ाया गया है लेकिन इसके बावजूद बकाया राशि का भुगतान उसी तरह हो रहा है जिस प्रकार सीजन में होना चाहिए। 

चीनी मिलों पर गन्ना उत्पादकों का कुल बकाया बढ़कर 1.10 खरब (ट्रिलियन) रुपए पर पहुंच गया था जिसमें से 942 अरब रुपए का भुगतान हो चुका है और शेष 68 अरब रुपए के भुगतान की प्रक्रिया अभी जारी है।

आमतौर पर चीनी मिलों द्वारा अप्रैल में 85 प्रतिशत, मई में 90 प्रतिशत तथा जून में 95 प्रतिशत तक गन्ना मूल्य बकाए का भुगतान किया जाता है। 

गन्ना की आपूर्ति नहीं होने से देश की अधिकांश चीनी मिलें बंद हो चुकी है और जिन थोड़ी-बहुत इकाइयों में काम अभी जारी है उससे भी गन्ना की आपूर्ति तेजी से घटती जा रही है।

पिछले साल अप्रैल तक चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का 972.70 अरब रुपए का बकाया था जिसमें से 850.94 अरब रुपए का भुगतान किया गया था।