गेहूं की सरकारी खरीद 310 लाख टन के पार

19-May-2026 04:21 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय पूल के लिए गेहूं की सरकारी खरीद बढ़कर 310 लाख टन से ऊपर पहुंच गई है जो पिछले चार वर्षों का सबसे ऊंचा स्तर है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार गेहूं की खरीद प्रक्रिया पंजाब, हरियाणा एवं राजस्थान में या तो समाप्त हो गई है या बिल्कुल अंतिम चरण में पहुंच गई है लेकिन मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में अभी जारी है। 

केन्द्र सरकार ने इस वर्ष गेहूं खरीद का संशोधित लक्ष्य 345 लाख टन निर्धारित किया है। शुरूआती चरण में 303 लाख टन का ही लक्ष्य रखा गया था जबकि वास्तविक खरीद उससे आगे निकलकर अब नए संशोधित लक्ष्य की ओर बढ़ रही है।

वर्तमान रबी मार्केटिंग सीजन में पहली बार गेहूं की सरकारी खरीद गत वर्ष से 6 प्रतिशत ऊपर पहुंचती है। केन्द्रीय एजेंसी- भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) तथा उसकी सहयोगी प्रांतीय एजेंसियों द्वारा विभिन्न राज्यों में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं की खरीद की जा रही है। इस बार गेहूं का एमएसपी 2585 रुपए प्रति क्विंटल नियत हुआ है। राजस्थान सरकार इस पर अतिरिक्त बोनस दे रही है। 

पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान जैसे शीर्ष उत्पादक राज्यों की मंडियों में इस बार शुरूआती छह सप्ताह के दौरान कुल मिलाकर 360 लाख टन से कुछ अधिक गेहूं की आवक हुई जिसमें से 310 लाख टन से कुछ ज्यादा की खरीद सरकारी एजेंसियों द्वारा की गई।

गत वर्ष की समान अवधि में 380 लाख टन से ज्यादा गेहूं की आवक हुई थी। इस बार गेहूं की खरीद में हुई वृद्धि का एक महत्वपूर्ण कारण इसकी गुणवत्ता सम्बन्धी नियमों शर्तों में ढील दिया जाना माना जा रहा है। 

मोटे तौर पर इस बार पंजाब में 121.60 लाख टन, हरियाणा में 81.10 लाख टन, मध्य प्रदेश में 77 लाख टन, राजस्थान में  17.10 लाख टन और उत्तर प्रदेश में 12.40 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद हो चुकी है जबकि मध्य प्रदेश में आगे 20-25 लाख टन की अतिरिक्त खरीद होने की संभावना है।