चीन सहित अन्य देशों में भारतीय कॉटन यार्न की मांग बढ़ी

18-Mar-2026 11:20 AM

मुम्बई। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण सामुद्रिक परिवहन खर्च बढ़ने से चीन, बांग्ला देश एवं वियतनाम जैसे एशियाई देशों में भारतीय कॉटन यार्न की मांग बढ़ने लगी है।

कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएआई) के अध्यक्ष का कहना है कि चीन के आयातक भारतीय कॉटन यार्न के खरीद में भारी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधा उत्पन्न होने से चीन के टेक्सटाइल उद्योग को रूई एवं कॉटन यार्न की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।

दरअसल इन देशों ने अन्य निर्यातक देशों के साथ रूई के आयात का जो अनुबंध किया है उसकी खेप वहां सही समय पर पहुंचने की संभावना नहीं है इसलिए ये देश तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत से रूई के बजाए कॉटन यार्न की खरीद को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे देश में रूई की मांग बढ़ सकती है। 

रूई का आयात कुछ खास कारणों से बाधित हो रहा है और इसका खर्च तथा समय भी बढ़ गया है। चीन ने आयात का कोटा बढ़ा दिया है।

16 मार्च को वहां 3 लाख टन रूई के आयात का अतिरिक्त कोटा जारी किया गया जो 2025 के कोटे से 1 लाख टन अधिक है।