चीनी का घरेलू उत्पादन लुढ़ककर 265 लाख टन पर सिमटने का अनुमान

30-Jan-2025 06:06 PM

मुम्बई। नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज (एनएफसीएसएफ) के बाद अब ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (एआईएसटीए या आईस्टा) ने भी चीनी के घरेलू उत्पादन में भारी गिरावट आने की संभावना व्यक्त की है।

एसोसिएशन के अनुसार चीनी का उत्पादन 2023-24 सीजन के 319 लाख टन से 53.80 लाख टन लुढ़ककर 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) में 265.20 लाख टन पर अटक जाने का अनुमान है। 

एसोसिएशन के मुताबिक पिछले सीजन की तुलना में चालू सीजन के दौरान चीनी का उत्पादन महाराष्ट्र में 110 लाख टन से लुढ़ककर 83 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 104 लाख टन से घटकर 90 लाख टन तथा कर्नाटक में 53 लाख टन से गिरकर 40 लाख टन पर सिमट सकता है।

तमिलनाडु में उत्पादन गत वर्ष की भांति इस बार भी 10 लाख टन पर बरकरार रहने की उम्मीद है मगर गुजरात में यह 9.50 लाख टन से फिसलकर 9 लाख टन रह जाने की संभावना है।

देश के अन्य राज्यों में चीनी का उत्पादन 32.50 लाख टन से सुधरकर 33.20 लाख टन पर पहुंचने के आसार हैं। गन्ना की आपूर्ति एवं उपलब्धता में भारी कमी आने की आशंका है। 

एसोसिएशन के मुताबिक 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में 79.80 लाख टन का पिछला बकाया स्टॉक और 265.20 लाख टन के संभावित उत्पादन के साथ चीनी की कुल उपलब्धता 345 लाख टन पर पहुंचेगी।

इसमें से 290 लाख टन का घरेलू उपयोग एवं 10 लाख टन का निर्यात होने पर मार्केटिंग सीजन के अंत में उद्योग के पास महज 45 लाख टन चीनी का अंतिम अधिशेष स्टॉक बच जाएगा। 

इससे पूर्व फेडरेशन ने 2024-25 के सीजन में चीनी का उत्पादन 49 लाख टन घटकर 270 लाख टन रह जाने का अनुमान लगाया था लेकिन सरकार का मानना है कि कुल उत्पादन 320 लाख टन के आसपास होगा।

इसके आधार पर ही 10 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी गई है। लगभग 40 लाख टन चीनी के समतुल्य गन्ना का उपयोग इस बार एथनॉल के उत्पादन में हो सकता है। चीनी की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल रह सकती है।