चालू सीजन में सोयाबीन का आयात 10 लाख टन तक पहुंचने की संभावना
17-Sep-2026 01:22 PM
मुम्बई। घरेलू प्रभाग में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति कमजोर रहने तथा कीमत ऊंची होने के कारण 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान भारत में सोयाबीन का सकल आयात तेजी से बढ़कर 10 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने की संभावना है। 2024-25 के सीजन में इसका नगण्य आयात हुआ था लेकिन इस बार परिदृश्य बदल गया है।
2026-27 के मार्केटिंग सीजन में भी सोयाबीन के बेहतर उत्पादन में संदेह है क्योंकि एक तो इसका बिजाई क्षेत्र गत वर्ष से पीछे चल रहा है और दूसरे, कमजोर मानसून एवं बारिश के अभाव से कुछ क्षेत्रों में फसल पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। इसके फलस्वरूप नए सीजन में भी विदेशों से सोयाबीन का आयात जारी रहने की उम्मीद है।
इंदौर स्थिर संस्था- सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) की नई रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान मार्केटिंग सीजन के आरंभिक 11 महीनों में यानी अक्टूबर 2025 से अगस्त 2026 के दौरान देश में सोयाबीन का कुल आयात बढ़कर 9.34 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया जबकि सितम्बर शिपमेंट के लिए हुए अब तक के अनुबंध को देखते हुए पूरे सीजन का आयात अक्टूबर 9.50 लाख टन से ऊपर पहुंच जाने की उम्मीद है। इससे पूर्व भारत में सोयाबीन का सबसे ज्यादा 7 लाख टन का आयात 2022-23 के सीजन में हुआ था।
उल्लेखनीय है कि भारत 2017-18 के सीजन तक सोयाबीन का एक निर्यातक देश बना हुआ था लेकिन 2018-19 के सीजन से वहां इसका आयात शुरू हो गया और उसके बाद से आयात की मात्रा बढ़ते हुए 2022-23 के सीजन में 7 लाख टन पर पहुंच गई। 2023-24 एवं 2024-25 के सीजन में सोयाबीन का आयात काफी घट गया मगर 2025-26 के सीजन में यह पुनः उछलकर सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया।
भारत में मुख्यतः गैर जीएम सोयाबीन का आयात होता है जिसे अफ्रीकी देशों से मंगाया जाता है। अफ्रीका महाद्वीप के उप-सहारा क्षेत्र में अवस्थित देशों- नाइजर, टोगो एवं नाइजीरिया आदि से इसका आयात होता है।
