बिजाई क्षेत्र में वृद्धि के बावजूद गेहूं के शानदार उत्पादन में संदेह
26-Dec-2024 06:00 PM
नई दिल्ली । हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं का बिजाई क्षेत्र पिछले साल के 304.77 लाख हेक्टेयर से 2.5 प्रतिशत बढ़कर इस वर्ष 20 दिसम्बर तक 312.28 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जिससे आमतौर पर इसके उत्पादन में बढ़ोत्तरी की उम्मीद की जा सकती है मगर कुछ ऐसे कारक हैं जो इस उम्मीद को धूमिल कर सकते हैं।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पंजाब-हरियाणा में गेहूं की औसत उपज दर ऊंची रहती है। इसका महतम स्तर प्राप्त करने के लिए नियत समयावधि के अंदर इसकी बिजाई होना आवश्यक है अन्यथा उत्पादकता में कमी आ जाती है। इस बार इन दोनों प्रांतों में गेहूं की बिजाई में काफी देर हो गई।
हाल की बारिश एवं तापमान में गिरावट से अन्य रबी फसलों के साथ गेहूं की फसल को भी फायदा हुआ है लेकिन आगामी दो-तीन महीनों के मौसम पर नजर रखने की सख्त आवश्यकता है।
अक्सर मार्च-अप्रैल में खराब मौसम के कारण फसल को काफी क्षति होती है। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2024-25 सीजन के लिए 1150 लाख टन गेहूं के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है जिसका हासिल होना मुश्किल लगता है।
दरअसल गेहूं का बिजाई क्षेत्र उन राज्यों में बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं जहां उपज दर नीचे रहती है। अगर आगामी समय में मौसम अनुकूल रहा और फसल को किसी गंभीर प्राकृतिक आपदा का सामना नहीं करना पड़ा तो गेहूं के सामान्य उत्पादन की उम्मीद की जा सकती है।
