बेहतर निर्यात मांग के कारण ऑस्ट्रेलिया में मसूर का भाव मजबूत
24-Jan-2025 11:08 AM
ब्रिसबेन । प्रमुख आयातक देशों में नियमित रूप से अच्छी मांग निकलने तथा आपूर्ति की स्थिति कुछ हद तक जटिल रहने के कारण ऑस्ट्रेलिया में मध्य दिसम्बर से ही मसूर का भाव स्थिर मगर मजबूत बना हुआ है।
निप्पर किस्म के लिए विम्मेरा पैकर्स को डिलीवरी वाली मसूर का दाम 870 डॉलर प्रति टन तथा मोटी जम्बो श्रेणी वाली मसूर का भाव करीब 940 डॉलर प्रति टन चल रहा है जो पिछले माह की तुलना में 20 डॉलर प्रति टन ऊंचा है। कीमतों में मजबूती आगे भी बरकरार रहने की संभावना है।
ऑस्ट्रेलिया की केन्द्रीय एजेंसी- अबारेस ने मसूर का घरेलू उत्पादन घटकर 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में 11 लाख टन पर सिमटने का अनुमान लगाया है जिससे इसके निर्यात योग्य स्टॉक में स्वाभाविक रूप से गिरावट आ जाएगी।
मोटे अनुमान के अनुसार अक्टूबर 2024 से जनवरी 2025 के चार महीनों में ऑस्ट्रेलिया से लगभग 3 लाख टन मसूर का निर्यात हो सकता है जबकि फरवरी में भी निर्यात प्रदर्शन बेहतर रह सकता है।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार क्रिसमस के समय उत्पादकों द्वारा मसूर की बिक्री में बहुत कम दिलचस्पी दिखाई गई थी लेकिन अब बिकवाली की गति तेज होती जा रही है।
फसल की कटाई-तैयारी पहले ही समाप्त हो चुकी है और इसलिए उत्पादकों को अपना स्टॉक बेचने का अवसर मिल रहा है। कीमत भी आकर्षक स्तर पर चल रहा है।
समीक्षकों के मुताबिक साऊथ ऑस्ट्रेलिया प्रान्त में प्रतिकूल मौसम के कारण इस बार न केवल मसूर की पैदावार घट गई बल्कि दाने की क्वालिटी भी काफी कमजोर देखी जा रही है।
इसका आकार छोटा है। मर्रे-माली तथा एडिलेड बंदरगाह के निकटवर्ती क्षेत्रों में मसूर की क्वालिटी विशेष रूप से प्रभावित हुई है इसलिए बड़े आकार वाले दाने की आपूर्ति काफी कम हो रही है।
लेकिन योर्क एवं आयर प्रायद्वीप में अच्छी क्वालिटी की मसूर का अच्छा उत्पादन होने से स्टॉक की पोजीशन बेहतर है और इसलिए वहां से इसके निर्यात की ज्यादा गुंजाईश कम रही है।
विक्टोरिया प्रान्त में उत्पादित मसूर की क्वालिटी भी आमतौर पर अच्छी बताई जा रही है। वहां अंतिम समय में हुई बारिश की वजह से मसूर की गुणवत्ता पर असर पड़ा लेकिन ऐसे क्षेत्रों का दायरा सीमित रहा।
भारत, बांग्ला देश, श्रीलंका, नेपाल, पाकिस्तान तथा संयुक्त अरब अमीरात फिलहाल ऑस्ट्रेलिया मसूर के प्रमुख खरीदार बने हुए हैं।
