अर्जेन्टीना में सोयाबीन सहित विभिन्न कृषि जिंसों पर निर्यात शुल्क में कटौती
24-Jan-2025 01:55 PM
ब्यूनस आयर्स । लैटिन अमरीकी देश- अर्जेन्टीना के आर्थिक विकास मंत्री ने वैश्विक बाजार में कीमतों को प्रतिस्पर्धी स्तर पर लाने तथा शिपमेंट की गति तेज करने के उद्देश्य से सोयाबीन सहित कई अन्य कृषि जिंसों पर लगे निर्यात शुल्क में कटौती की घोषणा की हैं।
इसके तहत सोयाबीन पर निर्यात शुल्क को 33 प्रतिशत घटाकर 26 प्रतिशत तथा मूल्य संवर्धित सोयाबीन उत्पादकों (सोयाबीन तेल एवं सोयामील आदि) पर 31 प्रतिशत से घटाकर 24.50 प्रतिशत निर्धारित किया गया है।
आर्थिक विकास मंत्री के अनुसार निर्यात शुल्क में की गई यह कटौती अस्थायी है और यह 27 जनवरी से 30 जून 2025 तक प्रभावी रहेगी। उसके बाद अगला निर्णय लिया जाएगा।
सोयाबीन तथा इसके उत्पादों पर निर्यात शुल्क में 6.5-7.0 प्रतिशत बिंदु की कटौती की गई है जिससे इसका शिपमेंट बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
इसके अलावा मक्का, गेहूं तथा ज्वार जैसे अनाजों पर निर्यात शुल्क को 12 प्रतिशत से घटाकर 9.5 प्रतिशत तथा सूरजमुखी तेल पर 7 प्रतिशत से घटाकर 5.5 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। भारत में अर्जेन्टीना से सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल का बड़े पैमाने पर आयात किया जाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस शुल्क कटौती के पीछे सरकार का उद्देश्य यह है कि किसानों को वर्ष की पहली छमाही में अपने कृषि उत्पादों की अधिक से अधिक मात्रा की बिक्री करने का प्रोत्साहन मिल सके।
सोयाबीन पर निर्यात शुल्क में हुई कटौती से अर्जेन्टीना के किसानों को 30 डॉलर (अमरीकी) प्रति टन का ऊंचा मूल्य प्राप्त हो सकता है और इसलिए वे अपना स्टॉक बेचने का प्रयास कर सकते हैं।
यह आदेश अभी केवल घोषित हुआ है जबकि 27 जनवरी 2025 (सोमवार) को फेडरल रजिस्टर में इसे प्रकाशित किए जाने की संभावना है।
उसके बाद ही यह लागू हो सकेगा। इस घोषणा से स्पष्ट संकेत मिलता है कि निर्यातकों द्वारा डॉलर के सेटलमेंट में कुछ गड़बड़ी की जा रही थी। सरकार तथा निर्यातकों के बीच आज होने वाली मीटिंग में इस मामले को सुलझाया जा सकता है।
