अनेक राज्यों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से वर्षा में कमी का अंतर घटा

23-Jul-2026 12:56 PM

नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान देश के अनेक भागों और खासकर पश्चिमी तथा पश्चिमोत्तर राज्यों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता तीव्रता एवं गतिशीलता बढ़ने से राष्ट्रीय स्तर पर वर्षा की कमी का अंतर घट गया। देश के मध्यवर्ती एवं पूर्वी क्षेत्र में भी इस सप्ताह अच्छी बारिश हो रही है। 

मौसम विभाग के मुताबिक वर्षा में कमी का अंतर घटकर अब 21 प्रतिशत पर आ गया है। चालू सप्ताह के दौरान सर्वाधिक वर्षा पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में दर्ज की गई जहां बारिश की कमी का अंतर घटकर 32 प्रतिशत रह गया। दक्षिणी प्रायद्वीप में भी सामान्य औसत से 26 प्रतिशत कम बारिश हुई है जबकि मध्यवर्ती क्षेत्र में 13 प्रतिशत और पश्चिमोत्तर राज्यों में 18 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई। 

मौसम विभाग के नियम के अनुसार दीर्घकालीन औसत (एलपीए) के सापेक्ष 19 प्रतिशत कम या 19 प्रतिशत तक ज्यादा बारिश हो तो उसे सामान्य वर्षा की श्रेणी में माना जाता है। इस नियम के आधार पर पश्चिमोत्तर भारत एवं मध्यवर्ती राज्यों में हुई वर्षा को सामान्य बारिश माना जा रहा है। लेकिन दक्षिणी प्रायद्वीप एवं पूर्वी तथा पूर्वोत्तर भारत में हुई बारिश को सामान्य औसत से कम माना जा रहा है। 

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बरकरार रहने की उम्मीद है। पूर्वी गुजरात में अगले दो दिनों के दौरान भारी से अत्यन्त भारी तथा कुछ क्षेत्रों में जोरदार-मूसलाधार वर्षा हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र में भी इसी तरह की बारिश होने की संभावना है। कोंकण एवं गोवा में पिछले दिन जोरदार बारिश हुई। 

मध्य प्रदेश के मध्य उत्तरी भाग के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौजूद है और नमी से युक्त अरब सागर से दक्षिणी  पश्चिमी दिशा की ओर हवा का प्रवाह हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप दक्षिणी गुजरात, कोंकण, मुम्बई एवं पश्चिमी महाराष्ट्र में बारिश होने के आसार हैं।