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29-Sep-2026 12:33 PM
नई दिल्ली। अल नीनो मौसम चक्र की सक्रियता से आगामी रबी सीजन में खासकर वर्षा पर आश्रित क्षेत्रों में विभिन्न फसलों की बिजाई, प्रगति, उपज दर एवं पैदावार के साथ-साथ क्वालिटी पर भी असर पड़ने की आशंका है। इसके तहत विशेषकर गेहूं, दलहन एवं तिलहन फसलों को खतरा हो सकता है। रबी फसलों की बिजाई शीघ्र ही शुरू होने वाली है।
केन्द्रीय कृषि सचिव के अनुसार अल नीनो की वजह से देश में रबी कालीन खाद्यान्न के उत्पादन में कमी आ सकती है। नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय रबी सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कृषि सचिव ने कहा कि मौजूदा खरीफ सीजन काफी चुनौतीपूर्ण रहा है और खासकर वर्षा पर आश्रित क्षेत्रों में फसलों को कठिनाई का सामना करना पड़ा है। अनेक राज्यों को पहले तो बिजाई क्षेत्र का लक्ष्य हासिल करने के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ा और बाद में फसलों को बेहतर स्थिति में बरकरार रखने के लिए भारी जद्दोजहद करनी पड़ी। किसी तरह खरीफ फसलों की बिजाई समाप्त हो गई।
अगले महीने (अक्टूबर) से गेहूं एवं सरसों सहित अन्य रबी फसलों की बिजाई आरंभ हो जाएगी जो अगले तीन-चार महीनों तक जारी रहेगी। रबी सीजन में चना, मसूर, मटर एवं जौ की खेती भी बड़े पैमाने पर होती है। इसके अलावा कुछ ऐसी फसलों की बिजाई भी रबी सीजन में की जाती है जिसकी खेती खरीफ सीजन में भी होती है। इसमें मूंग, उड़द, मक्का, ज्वार, मूंगफली एवं तिल आदि फसलें मुख्य रूप से शामिल हैं। वैसे सितम्बर की भारी वर्षा से रबी फसलों की बिजाई में किसानों को कुछ सहायता मिलने की उम्मीद है।