अक्टूबर-दिसम्बर की तिमाही में चीनी के उत्पादन में 15.6 प्रतिशत की गिरावट
03-Jan-2025 03:55 PM
नई दिल्ली । शीर्ष उद्योग संस्था- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) के आंकड़ों से पता चलता है कि 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) की पहली तिमाही में यानी अक्टूबर-दिसम्बर 2024 के दौरान देश में चीनी का उत्पादन घटकर 95.40 लाख टन पर अटक गया जो वर्ष 2023 की समान अवधि के उत्पादन 113.01 लाख टन से 15.6 प्रतिशत कम है।
इस्मा की रिपोर्ट के अनुसार कुछ राज्यों में गन्ना की क्रशिंग कम हुई और कुछ अन्य प्रांतों में एथनॉल निर्माण में उसकी अधिक मात्रा का इस्तेमाल हुआ।
सभी प्रमुख उत्पादक प्रांतों में गन्ना की जोरदार क्रशिंग अभी जारी है और चीनी का लगातार उत्पादन हो रहा है। इस्मा के मुताबिक वर्तमान मार्केटिंग सीजन की सम्पूर्ण अवधि के दौरान एथनॉल उत्पादन में चीनी का उपयोग बढ़कर 40 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान है जबकि पिछले सीजन में इसकी मात्रा 21.50 लाख टन तक ही पहुंच सकी थी।
इस बार महाराष्ट्र तथा कर्नाटक जैसे राज्यों में गन्ना की क्रशिंग देर से आरंभ हुई और वहां क्रियाशील चीनी मिलों की संख्या भी घट गई है।
पिछले मार्केटिंग सीजन में 31 दिसम्बर 2023 तक देश में 512 चीनी मिलों में गन्ना की पेराई शुरू हो गई थी मगर चालू मार्केटिंग सीजन की इसी तिथि तक 493 इकाइयों में ही क्रशिंग शुरू हो सकी। इस तरह इस बार 19 कम मिलें चालू हो सकी। इससे गन्ना की कुल क्रशिंग घट गई।
हालांकि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र एवं कर्नाटक जैसे शीर्ष उत्पादक राज्यों में गन्ना की क्रशिंग रेट पिछले सीजन से बेहतर देखी जा रही है लेकिन उत्तर प्रदेश, पंजाब एवं हरियाणा जैसे राज्यों में दिसम्बर 2024 के अंतिम सप्ताह में हुई बारिश के कारण चीनी मिलों को गन्ना की आपूर्ति आंशिक रूप से प्रभावित हुई। खेतों में पानी होने से फसल की कटाई में बाधा पड़ी।
पिछले सीजन के मुकाबले चालू मार्केटिंग सीजन की पहली तिमाही के दौरान चीनी का उत्पादन उत्तर प्रदेश में 34.35 लाख टन से गिरकर 32.80 लाख टन, महाराष्ट्र में 38.20 लाख टन से लुढ़ककर 30 लाख टन तथा कर्नाटक में 24.91 लाख टन से घटकर 20.40 लाख टन पर अटक गया।
