वेयर हाउस में माल के भंडारण पर किसानों को ब्याज से मुक्त करने का प्रयास

13-Jan-2025 03:31 PM

नई दिल्ली । लोकसभा में आम बजट प्रस्तुत होने से काफी पहले केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा है कि सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि किसानों को वेयर हाउस (गोदामों) में अपना उत्पाद रखने पर दो तीन महीनों के लिए किसी ब्याज का भुगतान न करना पड़े।

कृषि मंत्रालय ने इसके लिए केन्द्रीय वित्त मंत्री से आग्रह किया है कि किसानों को वेयर हाउस की रसीद के आधार पर भुगतान प्राप्त करने की अनुमति दी जाए।

कृषि मंत्री के अनुसार सरकार किसानों को मिलने वाले भाव तथा उपभोक्ताओं द्वारा चुकाए जाने वाले मूल्य के बीच अंतर को हटाने का प्रयास भी कर रही है जिससे महंगाई पर कुछ हद तक अंकुश लगने की संभावना रहेगी। 

केन्द्र सरकार द्वारा हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक -निगोशिएबल वेयर हाउस रिसिप्ट (ई-एन डब्ल्यू आर) पर आधारित प्लेज फाइनेंसिंग (सीजीएस-एनपीएफ) के लिए एक क्रेडिट गारंटी स्कीम की शुरुआत की गई है जिसके लिए फसल कटाई के बाद की वित्तीय सहायता के वास्ते 1000 करोड़ रुपए के कोष का प्रबंध किया गया है।

भंडारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण द्वारा मान्यता प्राप्त वेयर हाउस में अपने उत्पादों को जमा (भंडारित) करने के बाद किसान इलेक्ट्रॉनिक निगोशिएबल वेयर हाउस  रिसिप्ट के सापेक्ष इस ऋण गारंटी योजना का लाभ उठा सकते हैं। 

कृषि मंत्री के मुताबिक फलों तथा सब्जियों के लिए परिवहन खर्च काफी ऊंचा बैठ रहा है इसलिए सरकार ने यह फैसला  किया है कि यदि फलों-सब्जियों को नैफेड के माध्यम से लिया जाए तो सरकार परिवहन खर्च का वहन करेगी।

किसान कठिन परिश्रम करते हैं और इसलिए उन्हें सम्मान मिलना चाहिए। केन्द्र सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और आगे भी करती रहेगी।