व्यापारियों / मिलर्स को चावल / धान के स्टॉक का खुलासा करने का निर्देश- गेहूं की बिक्री जारी
02-Feb-2024 03:19 PM
नई दिल्ली । खाद्य महंगाई को नियंत्रित करने तथा सटोरिया प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार ने चावल / धान के व्यापारियों, थोक विक्रेताओं, रिटेलर्स, बिग चेन रिटेलर्स तथा मिलर्स / प्रोसेसर्स को स्टॉक पोजीशन की घोषणा करने का निर्देश दिया है। देश के सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों में यह निर्णय अगले आदेश तक लागू रहेगा।
सरकारी आदेश में कहा गया है कि उपरोक्त संवर्गों को धान एवं चावल की प्रत्येक श्रेणी के स्टॉक का विवरण देना होगा जिसमें टुकड़ी चावल, गैर बासमती सफेद चावल, सेला चावल तथा बासमती चावल आदि का विवरण शामिल होना चाहिए।
उपरोक्त संवर्ग के प्रत्येक शुक्रवार को खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर नवीनतम स्टॉक का विवरण प्रदर्शित करना होगा। इन संवर्गों को आदेश के जारी होने के बाद 7 दिनों के अंदर चावल के स्टॉक पोजीशन की घोषणा करनी होगी।
खाद्यान्न के दाम में जारी तेजी-मजबूती को नियंत्रित करने हेतु सरकार ने भारत ब्रांड नाम के तहत चावल की खुदरा बिक्री आरंभ करने का निर्णय लिया है।
प्रथम चरण के अंतर्गत तीन एजेंसियों- नैफेड, एनसीसीएफ एवं केन्द्रीय भंडार के माध्यम से भारत ब्रांड चावल की खुदरा बिक्री के लिए 5 लाख टन चावल आवंटित किया गया है।
इस चावल का खुदरा मूल्य 29 रुपए प्रति किलो नियत किया गया है और इसकी बिक्री 5 किलो तथा 10 किलो के पैक में की जाएगी। यह चावल गतिमान वाहन से अथवा तीनों केन्द्रीय एजेंसियों के खुदरा आउटलेट्स से ख़रीदा जा सकता है।
सरकार का कहना है कि खरीफ सीजन में बेहतर उत्पादन होने, एफसीआई के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद रहने तथा कच्चे गैर बासमती चावल एवं टुकड़ी चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लागू रहने के बावजूद घरेलू बाजार में चावल का भाव बढ़ रहा है।
पिछले एक साल के दौरान चावल के खुदरा मूल्य में 14.51 प्रतिशत का भारी इजाफा हो चुका है। सरकार चावल की कीमतों को नियंत्रित करने तथा मिलर्स सहित अन्य सम्बन्धित पक्षों को स्टॉक पोजीशन का खुलासा करने का निर्देश देने का निर्णय लिया गया है। इससे चावल की उपलब्धता का पता लग सकेगा।
इस बीच खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत चावल की बिक्री तो कम हो रही है लेकिन गेहूं की बिक्री बढ़कर 75.26 लाख टन पर पहुंच गई है।
सरकार का मानना है कि ओएमएसएस में भारी बिक्री के कारण गेहूं के खुदरा बाजार भाव में कुछ नरमी आई है। इस योजना के तहत कुल 101.50 लाख टन गेहूं का आवंटन किया गया है। साप्ताहिक नीलामी में भी इसकी बिक्री का ऑफर 2 लाख टन से बढ़ाकर 4.50 लाख टन नियत किया गया है।
