वर्ष 2030 तक पॉपकॉर्न मक्का का आयात बंद करने का लक्ष्य
26-Mar-2026 02:25 PM
नई दिल्ली। भारत पॉपकॉर्न मक्का के उत्पादन में आत्म निर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है और वर्ष 2030 तक इसमें आत्मनिर्भर हो सकता है एक दशक पूर्व तक भारत पॉपकॉर्न मक्का के लिए पूरी तरह आयात पर निर्भर था मगर अब घरेलू उत्पादन बढ़ने से आयात में कमी आ रही है।
कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महांनिदेशक का कहना है कि पॉपकॉर्न मक्का का भारतीय बाजार 2014-15 के 50 हजार टन से फ़ैल कर 2025-26 में 1.30 लाख टन पर पहुंच गया जबकि वर्ष 2030 तक इसके और बढ़कर 1.80 लाख टन पर पहुंच जाने की संभावना है इससे आयात घटाने तथा करीब 810 करोड़ रूपए मूल्य की विदेशी मुद्रा की बचत करने में सहायता मिलेगी। एक दशक पूर्व भारत में इसका नगण्य उत्पादन होता था और भारतीय बाजार पर आयातित माल का वर्चस्व बना हुआ था।
पॉपकॉर्न मक्का का स्वदेशी उत्पादन अब 70 प्रतिशत घरेलू मांग को पूरा कर रहा है जबकि चार-पांच वर्षो में 100 प्रतिशत जरूरत को पूरा करने में सक्षम हो जाएगा और इसके साथ ही आयात पर निर्भरता कम हो जाएगी।
