वर्ष 2021 के बाद इस बार गेहूं की सर्वाधिक सरकारी खरीद
02-Jun-2026 05:49 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय पूल के लिए गेहूं की सरकारी खरीद बढ़कर 350 लाख टन के करीब पहुंच गई है जो पिछले पांच साल का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे पूर्व 2021-22 के रबी मार्केटिंग सीजन में 433 लाख टन गेहूं की रिकॉर्ड खरीद हुई थी। उसके बाद खरीद की स्थिति अनियमित रही।
लेकिन इस वर्ष की कुल खरीद में यूआरएस गेहूं का अंश सामान्य औसत क्वालिटी वाले माल से ज्यादा है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान जैसे राज्यों में बेमौसमी वर्षा, आंधी-तूफान तथा कहीं-कहीं ओलावृष्टि के प्रकोप से गेहूं के दाने की क्वालिटी खराब हो गई।
इसे देखते हुए केन्द्र को राज्य सरकारों के विशेष आग्रह पर गेहूं की गुणवत्ता से सम्बन्धित नियमों-शर्तों में ढील देनी पड़ी और बदरंग, चमकहीन तथा टूटे-चिपटे दाने वाले अनाज की भारी खरीद करनी पड़ी।
गेहूं की कुल सरकारी खरीद में यूआरएस वाले माल की भागीदारी 236 लाख टन या 67 प्रतिशत रही। केवल मध्य प्रदेश में खरीदा गया गेहूं सामान्य या अच्छी क्वालिटी का रहा।
वहां अब भी खरीद की प्रक्रिया जारी है। गेहूं की थोड़ी बहुत सरकरी खरीद राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश में भी हो रही है जो कुछ समय तक जारी रहेगी।
