विभिन्न फसलों के बीज का पर्याप्त भंडार उपलब्ध होने का दावा

02-Jun-2026 07:40 PM

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार का दावा है कि देश में खरीफ के साथ-साथ रबी कालीन फसलों के भी बीज का पर्याप्त भंडार मौजूद है तथा आकस्मिक स्थिति के लिए राष्ट्रीय स्तर पर इसके आरक्षित स्टॉक की व्यवस्था की गई है।

यदि किसी क्षेत्र में सूखा अथवा बाढ़ के प्रकोप से पहली बिजाई की फसल प्रभावित होगी तो वहां दोबारा खेती के लिए तत्काल किसानों को उपयुक्त फसल का बीज उपलब्ध करवाया जाएगा। इससे किसानों को राहत मिल सकती है। 

केन्द्रीय कृषि मंत्री का कहना है कि बीजों की आपूर्ति एवं उपलब्धता के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। इस बार मानसून कमजोर रह सकता है जैसा की मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है।

कम बारिश वाले इलाकों में ऐसी फसलों की खेती पर जोर दिया जाए जिसे सिंचाई के लिए अपेक्षाकृत कम पानी की जरूरत पड़ती है। तमाम फसलों के बीज, उपयुक्त, उपयोगी एवं प्रमाणित होने चाहिए।

खरीफ सीजन में मुख्यतः धान, अरहर (तुवर), उड़द, मूंग, सोयाबीन, मूंगफली, अरंडी, मक्का, ज्वार, बाजरा, रागी, कपास तथा जूट आदि की खेती होती है जबकि सीमित क्षेत्र में कई अन्य फसलों की बिजाई भी की जाती है। धान की फसल को सिंचाई के लिए पानी की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है।