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21-Oct-2026 07:18 PM
नई दिल्ली। विगत कुछ समय से सौंफ की कीमतों में तेजी का दौर बना हुआ है लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों के कारण वर्तमान में सौंफ का व्यापार प्रभावित हुआ है मगर सूत्रों का कहना है कि कीमतों में अधिक मंदे की संभावना नहीं है क्योंकि एक ओर जहां स्टॉक कम रह गया है वहीं दूसरी तरफ आगामी सीजन के लिए उत्पादक राज्यों में बिजाई घटने के पूर्वानुमान लगाए जा रहे हैं। सौंफ का मुख्यतः उत्पादन गुजरात, राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश में भी होता है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में देश में सौंफ का बिजाई 92/93 हजार हेक्टेयर का रहा था जोकि वर्ष 2026 के लिए घटकर 85/86 हजार हेक्टेयर का रह गया। चालू सीजन के दौरान उत्पादक केन्द्रों पर पानी की कमी के चलते एवं अन्य जिंसों के भाव ऊंचे होने से आगामी सीजन में 2027 के लिए भी सौंफ के बिजाई क्षेत्रफल में कमी आने के पूर्वानुमान लगाए जा रहे हैं। प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात में बिजाई का कार्य शुरू हो गया है जबकि राजस्थान में चालू माह के अंत तक शुरू होने के समाचार है।
निर्यात भाव
वर्तमान में निर्यात एवं लोकल मांग बाजार में अच्छी चल रही है। उल्लेखनीय है कि विगत कुछ समय से मिडिल ईस्ट देशों के हालात अच्छे नहीं होने के कारण सौंफ का निर्यात प्रभावित हो रहा था लेकिन हाल ही में निर्यात मांग में सुधार हुआ है और कीमतें भी बढ़ी है। उल्लेखनीय है कि जून 2026 के दौरान सौंफ का निर्यात भाव 99/100 रुपए प्रति किलो चल रहा था जोकि अगस्त माह में बढ़कर 109/110 रुपए हो गया और सितम्बर माह में 118/119 रुपए पर बोला जाने लगा। जोकि वर्तमान में 142/143 रुपए बोला जा रहा है।
उत्पादन
चालू सीजन के दौरान देश में सौंफ की पैदावार गत वर्ष की तुलना में कम रही। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2026 के दौरान उत्पादक केन्द्रों पर सौंफ का उत्पादन 16/17 लाख बोरी (प्रत्येक बोरी 55 किलो) का माना गया है जबकि वर्ष 2025 में उत्पादन 18/19 लाख बोरी का माना गया था।
कुल उत्पादन का अधिकांश माल मंडियों में आ जाने के कारण वर्तमान में मंडियों में आवक काफी कम रह गई है। प्रमुख मंडी ऊंझा में आवक 2500/3000 बोरी की हो रही है जबकि राजस्थान की नागौर एवं मेडता मंडी में आवक 500/700 बोरी की चल रही है। व्यापारियों का कहना है कि कुल उत्पादन का गुजरात की मंडियों में लगभग 75/80 प्रतिशत एवं राजस्थान 70/75 प्रतिशत माल मंडियों में आ चुका है। चालू सीजन के दौरान गुजरात में सौंफ का उत्पादन 7/7.50 लाख बोरी एवं राजस्थान 7.5/8 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए गए थे। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों का उत्पादन 1.5/2 लाख बोरी का अनुमान लगाया गया था।
निर्यात
मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 के प्रथम तीन माह अप्रैल-जून से सौंफ का निर्यात मात्रात्मक रूप में 7 प्रतिशत घटा है लेकिन निर्यात भाव अच्छे मिलने के कारण आय में 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है कि अप्रैल-जून - 2026 के दौरान सौंफ का निर्यात 8318 टन का किया गया है और निर्यात से प्राप्त आय 124 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-जून - 2025 में निर्यात 8907 टन का हुआ था और निर्यात से प्राप्त आय 117.43 करोड़ की रही थी। वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के दौरान सौंफ का कुल निर्यात 33038 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 421.22 करोड़ की रही थी।