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21-Oct-2026 06:35 PM
घरेलू बाजार में ग्राहकी का अभाव बने रहने से तुवर की कीमतों में आज भी नरमी का रुख बना हुआ है। तुवर दाल में मांग कमजोर रहने के कारण दाल मिलर्स की लिवाली सीमित बनी हुई है, जिससे बाजार को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल पा रहा है। वहीं, आयातकों द्वारा अफ्रीकी देशों और बर्मा की तुवर की बिकवाली बढ़ाए जाने से बाजार पर अतिरिक्त दबाव देखा जा रहा है।
हालांकि, आयातित तुवर के मुकाबले देसी तुवर में बिकवाली का दबाव अपेक्षाकृत कमजोर बना हुआ है, लेकिन दाल मिलर्स की सीमित खरीदारी के कारण बाजार में तेजी की धारणा कमजोर पड़ रही है।
कमजोर लिवाली के चलते अफ्रीकी तुवर की विभिन्न किस्मों में आज ₹100 प्रति क्विंटल तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चेन्नई में लेमन तुवर के भाव ₹150 प्रति क्विंटल घट गए। गिरावट के बाद मुंबई में मोजाम्बिक सफेद तुवर ₹7,950–8,100 प्रति क्विंटल, गजरी तुवर ₹7,850–8,350 प्रति क्विंटल, मलावी तुवर ₹7,200–7,900 प्रति क्विंटल तथा अरुषा तुवर ₹8,400 प्रति क्विंटल रह गई। वहीं, चेन्नई में लेमन तुवर के भाव घटकर ₹9,400 प्रति क्विंटल पर आ गए।
बाजार विश्लेषण:
फिलहाल तुवर बाजार में कमजोर ग्राहकी, दाल मिलर्स की सीमित लिवाली और आयातकों की बढ़ती बिकवाली प्रमुख दबाव कारक बने हुए हैं। आयातित तुवर की उपलब्धता और बिकवाली बढ़ने से कीमतों पर दबाव बना हुआ है, जबकि देसी तुवर में अपेक्षाकृत कम बिकवाली से इसे कुछ समर्थन मिल सकता है। आगामी दिनों में बाजार की दिशा मुख्य रूप से दाल की मांग, आयातित माल की बिकवाली और दाल मिलर्स की खरीदारी पर निर्भर करेगी।