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उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल — पारदर्शिता कब?

28-Oct-2026 11:03 AM

उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल — पारदर्शिता कब?

उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों द्वारा बिक्री भाव सार्वजनिक नहीं किए जाने और अंडरबिलिंग के जरिए व्यापार किए जाने की शिकायतें गंभीर चिंता का विषय हैं। इससे चीनी कारोबारियों को वास्तविक बिक्री दरों की जानकारी नहीं मिल पाती और व्यापार में पारदर्शिता प्रभावित होती है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब चीनी मिलों के बिक्री भाव सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं, तो सरकार के पास वास्तविक बिक्री दरों और बिलिंग व्यवस्था की निगरानी के लिए क्या व्यवस्था है? क्या संबंधित विभाग इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं?

व्यापारियों की प्रमुख मांगें:

उत्तर प्रदेश की सभी चीनी मिलें प्रतिदिन अपने बिक्री भाव सार्वजनिक करें।

अंडरबिलिंग की शिकायतों की निष्पक्ष एवं प्रभावी जांच हो।

वास्तविक बिक्री दर और बिल में दर्ज दर के अंतर की जांच की जाए।

अनियमितताएं प्रमाणित होने पर संबंधित मिलों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई हो।

उत्तर प्रदेश सरकार और संबंधित विभागों से सीधा सवाल है कि चीनी व्यापार में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे?

व्यापारियों को वास्तविक भावों की जानकारी मिलना उनका व्यावसायिक हित है। चीनी बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है। इस मुद्दे पर संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट जवाबदेही तय करनी चाहिए और जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाने चाहिए। चीनी व्यापार में पारदर्शिता हो, वास्तविक भाव सामने आएं।