Home News
31-Oct-2026 11:32 AM
नई दिल्ली। घरेलू उत्पादन में गिरावट तथा कीमतों में वृद्धि की संभावना को देखते हुए रूई के शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा में बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद की जा रही थी और इसके अनुरूप सरकार ने समय सीमा को दो माह के लिए बढ़ाने की घोषणा कर दी है।
केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने 30 अक्टूबर को इसके लिए एक अधिसूचना जारी की जिसमें कहा गया कि रूई के शुल्क मुक्त आयात की अवधि अब 31 दिसम्बर 2026 तक बढ़ा दी गई है जबकि पहले 31 अक्टूबर 2026 तक नियत की गई थी। इससे देश के वस्त्र उद्योग को राहत मिलेगी और उसे विदेशों से सस्ते दाम या कम खर्च पर रूई का आयात जारी रखने का अवसर मिलता रहेगा।
उल्लेखनीय है कि रूई पर पहले 11 प्रतिशत का आयात शुल्क लगता था जिसे जुलाई में अस्थायी तौर पर स्थगित कर दिया गया। उस समय 31 अक्टूबर 2026 तक इसके शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी गई थी। यह समय सीमा आज समाप्त हो रही थी मगर उससे पूर्व ही इसे दो माह के लिए बढ़ा दिया गया है। अब चालू वर्ष के अंत तक देश में रूई का शुल्क मुक्त आयात जारी रहेगा। टैक्सटाइल उद्योग समय सीमा बढ़ाने की मांग कर रहा था।
महाराष्ट्र एवं कर्नाटक जैसे महत्वपूर्ण उत्पादक राज्यों में सूखे का संकट होने से कपास की पैदावार इस बार घटने की संभावना है जिससे रूई की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल रह सकती है। भारतीय कपास निगम के पास भी रूई का ज्यादा स्टॉक नहीं है जिससे वस्त्र उद्योग की कठिनाई बढ़ने का अंदेशा था।