दलहन-तिलहन क्षेत्र को बजट से उम्मीदें
25-Jan-2025 12:04 PM
यूं तो वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के लिए संसद में प्रस्तुत किए जाने वाले केन्द्रीय आम बजट से सम्पूर्ण कृषि क्षेत्र को काफी उम्मीदें हैं लेकिन उसमें भी दलहन-तिलहन क्षेत्र की आशा कुछ ज्यादा ही है।
इसका एक कारण यह है कि सरकार उसके उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने तथा दलहनों एवं खाद्य तेलों के विशाल आयात पर निर्भरता घटाने का न सिर्फ इरादा रखती है बल्कि इसके लिए जोरदार प्रयास भी करना चाहती है।
स्वयं कृषि मंत्री इस दिशा में काफी सक्रिय हैं और इसलिए आम बजट में कृषि मंत्रालय के तमाम सुझाव एवं प्रस्तावों पर गम्भीरपूर्वक ध्यान दिए जाने की संभावना है।
बजट में दलहन-तिलहन का घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपायों की घोषणा की जा सकती है। इसके तहत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर दलहनों-तिलहनों की निश्चित खरीद की घोषणा होने, इसकी उच्च उपज दर वाली किस्मों के विकास के लिए अनुसंधान एवं विकास के वास्ते फंड का आवंटन बढ़ाने तथा फसल विविधिकरण के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन देने का प्रयास रखे जाने के आसार हैं।
केन्द्रीय कृषि मंत्री द्वारा इन उपायों का सुझाव दिया गया है इसलिए इसे नजरअंदाज करना वित्त मंत्री के लिए आसान नहीं होगा।
इसके अलावा इन उपायों से किसानों को दलहन-तिलहन फसलों का उत्पादन बढ़ाने का प्रोत्साहन भी मिलेगा और उसे अच्छी आमदनी प्राप्त होने भरोसा रहेगा।
वर्तमान समय में देश के अनेक राज्यों में दलहन-तिलहन फसलों की खेती नगण्य क्षेत्रफल में होती है और प्रमुख उत्पादक राज्यों में भी इसका अधिकांश रकबा वर्षा पर आश्रित क्षेत्रों में अवस्थित है जिससे उत्पादन में अनिश्चितता बनी रहती है।
राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात एवं आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में दलहनों का ज्यादा उत्पादन होता है।
तिलहनों की खेती इन प्रांतों के साथ-साथ हरियाणा, बंगाल एवं बिहार जैसे राज्यों में भी होती है। दूसरी ओर केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उड़ीसा, गोवा एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों में दलहन-तिलहन फसलों का उत्पादन बहुत कम होता है।
हकीकत यह है कि इन फसलों का अधिकांश उत्पादन देश के 55 जिलों तक सीमित है जबकि समूचे देश में इसकी खेती का प्रयास होना आवश्यक है। इसके लिए सरकार को नीति एवं योजना बनाकर किसानों को समुचित प्रोत्साहन देना होगा।
