तुवर की फसल पर कम बुवाई और अनियमित मानसून का असर, उत्पादकता पर चिंता

11-Aug-2026 06:05 PM

नई दिल्ली: मानसून की अनियमितता के कारण कर्नाटक और महाराष्ट्र में इस वर्ष तुवर की बुवाई समय पर नहीं हो सकी, जिसके चलते कुल बुवाई क्षेत्र पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम रहा है।

वहीं, कई प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में मानसून अभी भी अनियमित बना हुआ है। पिछले कई दिनों से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण फसल में नमी की कमी का असर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

कम बुवाई क्षेत्र, देरी से बुवाई और अनियमित मानसून—ये तीनों परिस्थितियां तुवर की नई फसल के लिए प्रतिकूल हैं। इनका सीधा असर फसल की उत्पादकता पर पड़ने की आशंका है। मौजूदा मौसम परिस्थितियों को देखते हुए नई तुवर फसल की उत्पादकता सामान्य से काफी कम रहने की संभावना दिखाई दे रहा है।

यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त और समान रूप से बारिश नहीं हुई, तो उत्पादकता के साथ-साथ कुल उत्पादन का अनुमान भी और नीचे जा सकता है। कम उत्पादन की स्थिति में आगामी महीनों में नई तुवर की मंडी आवक सीमित रहने की संभावना है।

इससे तुवर बाजार को आगे चलकर समर्थन मिल सकता है और कीमतों में मजबूती की संभावना बन सकती है। हालांकि, नई फसल के उत्पादन का अंतिम आकलन आगामी दिनों में होने वाली बारिश, फसल की वर्तमान स्थिति और मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।