News Capsule/न्यूज कैप्सूल: चावल के बफर स्टॉक की लागत पांच साल में तीन गुना से अधिक बढ़ी

11-Aug-2026 05:55 PM

News Capsule/न्यूज कैप्सूल: चावल के बफर स्टॉक की लागत पांच साल में तीन गुना से अधिक बढ़ी
★ सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चावल के बफर स्टॉक को रखने की लागत लगातार बढ़ रही है। 2024-25 में सरकार ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) के पास रखे चावल के बफर स्टॉक पर ₹10,171.71 करोड़ खर्च किए, जो 2020-21 के ₹3,143.89 करोड़ से तीन गुना से अधिक है। 2023-24 में यह लागत ₹5,831.27 करोड़ थी।
★ 1 जुलाई 2026 को सरकार के पास 403.11 लाख टन चावल का स्टॉक था, जबकि निर्धारित बफर मानक केवल 135.40 लाख टन था। यानी सरकारी स्टॉक बफर आवश्यकता से करीब तीन गुना था।
★ स्टॉक बढ़ने की प्रमुख वजह सरकार की ओपन-एंडेड MSP खरीद नीति है, जिसके तहत किसानों द्वारा MSP पर पेश किया गया धान सरकारी एजेंसियां खरीदती हैं। वहीं, NFSA और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत चावल की निकासी खरीद की तुलना में कम रहने से केंद्रीय पूल में अतिरिक्त स्टॉक जमा होता जा रहा है।
★ अतिरिक्त स्टॉक को रखने से भंडारण, ब्याज, परिवहन और अन्य संबंधित खर्च बढ़ रहे हैं। सरकार अतिरिक्त चावल को Open Market Sale Scheme (OMSS) के जरिए बेचकर बाजार में उपलब्धता बढ़ाने और खाद्य महंगाई को नियंत्रित करने का प्रयास करती है।