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12-Oct-2026 06:15 PM
नई दिल्ली। भारतीय निर्यातकों द्वारा तीन बल्क जहाजों में इराक को 1,02,210 टन बासमती चावल के निर्यात शिपमेंट का प्रबंध किया गया है जिससे सामुद्रिक परिवहन खर्च में करीब 74 प्रतिशत की बचत हो सकती है। शिपमेंट में पड़ रही बाधा कंटेनरों की कमी तथा सामुद्रिक परिवहन खर्च में हो रही वृद्धि को देखते हुए भारतीय निर्यातकों ने सामुद्रिक रूप से बल्क जहाजों का उपयोग किया।
इंडियन राइस एक्सपोटर्स फेडरेशन के अनुसार बल्क रूप में इस चावल की खेप का सामुद्रिक परिवहन खर्च औसतन 90 डॉलर प्रति टन बैठेगा जो कंटेनरों के परिवहन खर्च 350 डॉलर प्रति टन से 260 डॉलर प्रति टन कम है।
इस किराया-भाड़ा की दर के आधार पर तीनों जहाजों में भेजे जाने वाले बासमती चावल की कुल मात्रा पर परिवहन खर्च में निर्यातकों को कुल मिलाकर करीब 266 लाख डॉलर की भारी बचत करने में सफलता मिलने की उम्मीद है। वैसे इस पर अंतिम बचत फाइनल शिपिंग लागत तथा अनुबंध की शर्तों पर निर्भर करेगी। इराक बासमती चावल का एक प्रमुख खरीदार देश है।