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12-Oct-2026 08:07 PM
सिंगापुर। दुनिया में पाम तेल के सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश- इंडोनेशिया में हालात तेजी से बदल रहे हैं। एक तरफ वहां अल नीनो के प्रकोप से क्रूड पाम तेल (सीपीओ) के उत्पादन में 40-50 लाख टन तक की भारी गिरावट आने की आशंका व्यक्त की जा रही है तो दूसरी ओर सरकार बायोडीजल निर्माण में पाम तेल के उपयोग का स्तर बढ़ाने पर विचार कर रही है।
इसके फलस्वरूप इंडोनेशिया में पाम तेल के निर्यात योग्य स्टॉक में भारी गिरावट आने की आशंका है जिससे इसकी कीमतों में तेजी मजबूती का माहौल बन सकता है। वैसे इंडोनेशिया के पड़ोसी देश- मलेशिया में अभी न केवल सीपीओ का रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है बल्कि कमजोर निर्यात प्रदर्शन के कारण पाम तेल का बकाया अधिशेष स्टॉक भी उछलकर सितम्बर के अंत में 35 लाख टन से ऊपर पहुंच गया जो सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर है। इससे बाजार भाव पर दबाव बढ़ने की संभावना है।
उद्योग-व्यापार समीक्षकों का कहना है कि अगर इंडोनेशिया में पाम तेल के दाम में मनमाने ढंग से इजाफा किया गया तो भारत एवं चीन सहित अन्य शीर्ष आयातक देशों में इसकी मांग प्रभावित हो सकती है। भारतीय रिफाइनर्स क्रूड सोयाबीन तेल एवं क्रूड सूरजमुखी तेल का आयात बढ़ाने पर विशेष जोर दे सकते हैं। इंडोनेशिया से निर्यात प्रभावित होने का फायदा मलेशिया को प्राप्त होगा और उसे अपना स्टॉक घटाने का अवसर मिल जाएगा। भारत नए-नए देशों से पाम तेल का आयात बढ़ाने का प्रयास कर सकता है।