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12-Oct-2026 06:01 PM
अहमदाबाद। देश के पश्चिमी प्रान्त- गुजरात में यद्यपि हाल के सप्ताहों के दौरान खरीफ फसलों की बिजाई में अच्छी प्रगति हुई लेकिन फिर भी इसका रकबा गत वर्ष से कुछ पीछे रह गया। राज्य कृषि विभाग की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में इस बार 12 अक्टूबर तक खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 83.56 लाख हेक्टेयर के करीब सिमट गया जो गत वर्ष की सामान्य अवधि के बिजाई क्षेत्र 84.99 लाख हेक्टेयर से 1.43 लाख हेक्टेयर कम है। राज्य में खरीफ फसलों की बिजाई लगभग समाप्त हो चुकी है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में इस वर्ष खरीफ सीजन के दौरान गुजरात में धान एवं मोटे अनाजों का कुल उत्पादन क्षेत्र सुधरकर 13.89 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जो गत वर्ष के बिजाई क्षेत्र 13.82 लाख हेक्टेयर से 7 हजार हेक्टेयर ज्यादा है। इसके तहत धान का उत्पादन क्षेत्र 9.05 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 9.29 लाख हेक्टेयर और ज्वार का रकबा 12 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 13 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा लेकिन बाजरा का बिजाई क्षेत्र 1.73 लाख हेक्टेयर से घटकर 1.63 लाख हेक्टेयर एवं मक्का का क्षेत्रफल 2.81 लाख हेक्टेयर से गिरकर 2.72 लाख हेक्टेयर रह गया।
दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र 4.65 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 4.79 लाख हेक्टेयर के करीब पहुंच गया। इसके अंतर्गत तुवर का बिजाई क्षेत्र 3.10 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.37 लाख हेक्टेयर और उड़द का क्षेत्रफल 84 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 93 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा मगर मूंग का रकबा 49 हजार हेक्टेयर से घटकर 33 हजार हेक्टेयर पर अटक गया।
लेकिन तिलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 32.05 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 30.31 लाख हेक्टेयर पर सिमट गया। इस संवर्ग में मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 22.02 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 20.70 लाख हेक्टेयर, तिल का क्षेत्रफल 41 हजार हेक्टेयर से घटकर 20 हजार हेक्टेयर और अरंडी का रकबा 6.83 लाख हेक्टेयर से गिरकर 6.35 लाख हेक्टेयर पर सिमट गया जबकि सोयाबीन का क्षेत्रफल 2.78 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.05 लाख हेक्टेयर हो गया।
इसके अलावा गुजरात में कपास का उत्पादन क्षेत्र तो 20.97 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 21.53 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर ग्वार का रकबा 75 हजार हेक्टेयर से घटकर 53 हजार हेक्टेयर पर अटक गया।