शानदार उत्पादन के साथ महाराष्ट्र में गन्ना क्रशिंग का सीजन समाप्त
23-May-2024 12:43 PM
पुणे । शुरुआती अनुमान के विपरीत महाराष्ट्र में चालू सीजन के दौरान चीनी का शानदार उत्पादन हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राज्य में 207 मिलों द्वारा संयुक्त रूप से कुल 110.20 लाख टन चीनी का निर्माण किया गया जो 2022-23 सीजन के उत्पादन से 4.90 लाख टन अधिक रहा।
उद्योग संगठनों द्वारा सरकार से 2024-25 सीजन के लिए चीनी के निर्यात की अनुमति तथा एथनॉल निर्माण पर लगे नियंत्रण में राहत देने का आग्रह किया जा रहा है।
उद्योग समीक्षकों के मुताबिक 2023-24 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के दौरान केन्द्र सरकार ने चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने तथा एथनॉल निर्माण पर लगे नियंत्रण में राहत देने का आग्रह किया जा रहा है।
उद्योग समीक्षकों के मुताबिक 2023-24 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के दौरान केन्द्र सरकार ने चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने तथा एथनॉल निर्माण में गन्ना के सीमित उपयोग की अनुमति देने का जो निर्णय लिया वह दरअसल उत्पादन का गैर सटीक अनुमान लगाने का परिणाम था।
पहले चीनी के घरेलू उत्पादन में भारी गिरावट आने की आशंका व्यक्त की गई थी और इसके आधार पर सरकार ने आनन-फानन में निर्णय लिया था।
महाराष्ट्र में गन्ना की क्रशिंग एवं चीनी के उत्पादन का मौजूदा सीजन अब समाप्त हो चुका है और सभी 207 इकाइयां बंद हो गई हैं। 2023-24 के सीजन के दौरान महाराष्ट्र में सहकारी क्षेत्र की 103 तथा प्राइवेट क्षेत्र की 104 चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग हुई।
इसके सोलापुर संभाग में चीनी मिलों की संख्या सबसे अधिक (50) रही। लेकिन चीनी के उत्पादन में कोल्हापुर डिवीजन सबसे आगे रहा।
वहां 40 मिलों में 28.10 लाख टन चीनी का निर्णय हुआ और गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर सबसे ऊंची 11.59 प्रतिशत दर्ज की गई।
समूचे महाराष्ट्र में यह औसत रिकवरी दर 10.27 प्रतिशत रही जो पिछले सीजन के 9.98 प्रतिशत से अधिक है। गन्ना की क्रशिंग भी 1055.30 लाख टन से बढ़कर 1073.08 लाख टन पर पहुंच गई।
