कटाई में देरी एवं प्राइवेट क्षेत्र की सक्रियता में गेहूं की सरकारी खरीद धीमी

06-Apr-2026 12:06 PM

नई दिल्ली। मौसम की हालत पूरी तरह अनुकूल नहीं होने से गेहूं की कटाई-तैयारी में बाधा पड़ रही है जबकि कमजोर बाजार भाव को देखते हुए फ्लोर मिलर्स / प्रोसेसर्स एवं व्यापारी / स्टॉकिस्ट भारी मात्रा में गेहूं की खरीद कर रहे हैं। इससे केन्द्रीय पूल के लिए इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न की सरकारी खरीद की गति गत वर्ष से काफी धीमी देखी जा रही है। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले सप्ताह के मध्य तक गेहूं की कुल सरकारी खरीद 24 हजार टन तक पहुंच सकी जो गत वर्ष की समान अवधि की खरीद से 6 प्रतिशत कम थी। पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में खरीद की रफ्तार धीमी देखी जा रही है जबकि मध्य प्रदेश एवं हरियाणा जैसे प्रांतों में खरीद की प्रक्रिया आरंभ ही नहीं हो सकी। 

केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने 2026 के रबी मार्केटिंग सीजन में 303.36 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है मगर अभी तक इसकी रफ्तार जोर नहीं पकड़ पाई है।

ध्यान देने की बात है कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं गुजरात जैसे राज्यों में मार्च से ही गेहूं की खरीद शुरू करने की अनुमति दी गई थी लेकिन इसका कोई खास सार्थक परिणाम सामने नहीं आया। पंजाब, हरियाणा एवं बिहार सहित कुछ अन्य राज्यों में गेहूं की खरीद का सीजन 1 अप्रैल से आरंभ हुआ है। 

इस वर्ष राजस्थान में 10 मार्च, मध्य प्रदेश में 15 मार्च एवं उत्तर प्रदेश में 17 मार्च से गेहूं खरीदने की स्वीकृति दी गई थी। राजस्थान में थोड़ी-बहुत खरीदारी हुई जबकि अन्य राज्यों में यह लगभग बंद रही।