शिपिंग संकट के कारण खाड़ी क्षेत्र में कृषि उत्पादों का निर्यात प्रभावित

06-Apr-2026 01:27 PM

मुम्बई। पश्चिम एशिया, मध्य-पूर्व एवं खाड़ी क्षेत्र के देशों में भारतीय कृषि एवं खाद्य उत्पादों के निर्यात की गति काफी धीमी पड़ गई है। इसमें चावल, चीनी, चाय, फल-सब्जी एवं मसाला आदि शामिल है। ईरान, इजरायल युद्ध के कारण न केवल शिपिंग खर्च काफी ऊंचा हो गया है बल्कि जल मार्ग भी असुरक्षित हो गया है। इसके अलावा बंदरगाहों पर पहुंचे उत्पाद को क्लीयरेंस मिलने में भी काफी देर हो रही है। 

निर्यातकों के अनुसार लगातार हो रही भीषण बमबारी के कारण दुबई के रास्ते सऊदी अरब कतर एवं कुवैत जैसे देशों में माल को पहुंचाना कठिन हो गया है। इससे जल्दी खराब होने वाले उत्पादों जैसे फलों एवं सब्जियों के निर्यातकों के लिए जोखिम बढ़ गया है।

पिछले महीने दुबई कस्टम्स ने जेबेल अली पोर्ट को जाने वाले कार्गो के लिए एक वैकल्पिक मार्ग की सुविधा प्रदान की थी। इसके तहत जहाज को खोरफक्कन और फ़ुजैराह तक पहुंचाया जाएगा और वहां से सड़क मार्ग के जरिए उत्पादों को गंतव्य स्थान पर भेजा जाएगा। 

शिपिंग खर्च में भारी बढ़ोत्तरी हो गई है जिससे उत्पाद का दाम काफी ऊंचा हो जाता है। यदि दूसरे मार्ग का इस्तेमाल किया जाए तो खर्च में और भी इजाफा हो जाएगा। यह सम्पूर्ण संभाग भारतीय बासमती चावल का सबसे बड़ा बाजार है मगर वहां तक माल पहुंचाना तथा इसके खर्च को नियंत्रण में रखना बहुत कठिन हो गया है।