सोयाबीन एवं जीएम फीड को ट्रेड डील से बाहर रखने हेतु सरकार का आभार
09-Feb-2026 08:35 PM
इंदौर। एक अग्रणी उद्योग-व्यापार संगठन- सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) ने भारत और अमरीका के बीच हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते के फ्रेम वर्क से सोयाबीन तथा जीएम श्रेणी के सोयामील एवं फीड को बाहर रखने के लिए केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।
केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री को प्रेषित एक पत्र में सोपा के चेयरमैन ने भारत अमरीका व्यापार समझौता (ट्रेड डील) के लिए फ्रेम वर्क निर्माण हेतु सफलतापूर्वक बातचीत करने के लिए सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से उन्हें बधाई दी है।
चेयरमैन के अनुसार अमरीका को कुछ व्यापारिक रियायत / राहत दी गई है मगर इसमें सोयाबीन, सोयामील तथा अन्य जीएम फ़ूड एवं फीड उत्पादों को सम्मिलित नहीं किया गया है। इसके लिए सरकार सराहना की पात्र है।
सोया चेयरमैन के पत्र में आगे कहा गया है कि पिछले साल एसोसिएशन ने वाणिज्य मंत्रालय को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा था जिसमें जीएम उत्पादों के निर्बाध आयात से स्वदेशी किसानों एवं कृषि क्षेत्र के लिए उत्पन्न होने वाले गंभीर खतरों-जोखिमों को रेखांकित किया गया था इसमें कहा गया था कि जीएम सोयाबीन एवं सोयामील के आयात से देश के करीब 50 लाख सोयाबीन उत्पादकों की आजीविका संकट में पड़ जाएगी।
वाणिज्य मंत्री ने इसके बाद 'वाल रेखा' खींच दी और सरकार ने जीएम फसलों के लिए भारतीय बाजार को खोलने से इंकार कर दिया।
इससे भारतीय कृषि क्षेत्र और खासकर सोयाबीन की मूल्य श्रृंखला की हिफाजत के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का स्पष्ट संकेत मिलता है। हालांकि ट्रेड डील के फ्रेम रोक में सोयाबीन तेल एवं डीडीजीएस को शामिल किया गया है लेकिन उम्मीद की जा रही है कि सरकार इसके आयात पर गहरी नजर रखेगी।
