साउथ एशिया एग्री फोरम के उद्घाटन सत्र में बीएसएएफ के मैनेजमेंट डायरेक्टर का स्वागत संबोधन

15-Jan-2025 02:42 PM

कोलम्बो । भारत सब कांटीनेंट एग्री फाऊंडेशन (बीएसएएफ) द्वारा श्रीलंका की राजधानी कोलम्बो में आयोजित साउथ एशिया एग्री फोरम 2025 के उद्घाटन स्तर को सम्बोधित करते हुए फाउंडेशन के मैनेजमेंट डायेक्टर- विवेक अग्रवाल ने सभी आगंतुक अतिथियों, वक्ताओं, गणमान्य व्यक्तियों एवं प्रतिनिधियों का स्वागत किया।

उनका कहना था कि बीएसएएफ ने देशों की सीमाओं को बांधकर सम्पूर्ण दक्षिण एशिया को एक साथ एक मंच पर लाने तथा वैश्विक कृषि क्षेत्र में या सामूहिक ज्ञान, अनुभव तथा विशेषज्ञता के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए एक निरंतर चलने वाली यात्रा आरंभ की है।

यह फोरम सिर्फ प्रतिनिधियों का एक जमावड़ा नहीं है बल्कि विभागों का पारस्परिक मिलन है और अनेक चुनौतियों तथा अवसरों के बारे में विस्तार से मंत्रणा करने का एक बेहतरीन प्लेटफार्म भी है।

कृषि क्षेत्र में नियमित विकास-विस्तार की गति को तेज करने के लिए साझीदार संकल्प के लिए भी वह फोरम एक बेहतरीन मंच है। इसके अलावा सम्पूर्ण दक्षिण एशियाई क्षेत्र और उसके बाहर भी कृषि उत्पादों के कारोबार को प्रोत्साहित करने का यह एक माध्यम है। 

इस उद्घाटन स्तर की थीम उन ज्वलंत एवं परेशान करने वाले मुद्दों को सुलझाने में सामूहिक प्रयास के महत्व को रेखांकित करना है जो मुद्दे वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र को प्रभावित कर रहे हैं। विश्व स्तर के अग्रणी विश्लेषकों-विशेषज्ञों तथा महारथियों की गरिमामयी उपस्थिति में इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी

जो तमाम तरह के वैकल्पिक उपाय सामने आएंगे जो अंततः कृषि क्षेत्र के विकास एवं उत्कर्ष के लिए बहुत कारगर साबित होंगे।

जलवायु परिवर्तन की अपरिहार्य तथा अनैच्छिक चुनौती का समय आ गया है। आपूर्ति श्रृंखला में बाधा उत्पन्न होने की आशंका बढ़ गई है। दुनिया के कई क्षेत्रों में तनाव एवं विवाद की स्थिति बरकरार है और इससे भी अधिक महत्वपूर्ण-खाद्य सुरक्षा की चिंता बढ़ रही है।

इन समस्याओं को सुलझाने के लिए एकजुट होकर सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है। दक्षिण एशिया में संसार की बड़ी आबादी निवास करती है।

यहां एक समृद्ध कृषि विरासत है और अपार संभावनाएं भी मौजूद है। यह क्षेत्र फसलों में विविधिकरण, कृषि प्रक्रियाओं तथा कृषि व्यापार कार्यकलापों का एक शक्तिगृह है। लेकिन यहां अनेक चुनौतियां एवं बाधाएं भी मौजूद हैं।