धनिया में व्यापार कम : भाव नरम : उत्पादक केन्द्रों पर बिजाई शुरू
नई दिल्ली। ऊंचे भावों पर मांग प्रभावित होने के कारण चालू सप्ताह के दौरान धनिया के भाव दबे रहे। उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर भाव 200/300 रुपए प्रति क्विंटल मंदे के साथ बोले गए। उल्लेखनीय है कि चालू सीजन के दौरान धनिया की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई है और मंडियों में ईगल क्वालिटी का भाव 158/160 रुपए का स्तर छू गया। मगर ऊंचे भावों पर मांग घटने के कारण वर्तमान में भाव घटकर 155/157 रुपए पर बोले जाने लगे हैं। सूत्रों का कहना है कि स्टॉक कम रह जाने के कारण कीमतों में अधिक मन्दा संभव नहीं है।
बिजाई अनुमान
कारोबारियों का कहना है कि सूखे की स्थिति के कारण इस वर्ष गुजरात में धनिया की बिजाई प्रभावित होने के पूर्वानुमान लगाए जा रहे हैं। गुजरात में धनिया बिजाई का कार्य आरंभ हो गया है जबकि राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में बिजाई का कार्य दीपावली पश्चात शुरू होगा। मगर संभावना व्यक्त की जा रही है कि एक ओर जहां गुजरात में बिजाई घटने के अनुमान लगाए जा रहे हैं वहीं मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में बिजाई अधिक क्षेत्रफल पर किए जाने के समाचार मिल रहे हैं क्योंकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिला है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 के दौरान देश में धनिया की कुल बिजाई 3.36 लाख हेक्टेयर पर की गई थी जोकि वर्ष 2026 में घटकर 2.97 लाख हेक्टेयर की रह गई है।
आवक
कुल उत्पादन का अधिकांश माल मंडियों में आ जाने के कारण वर्तमान में मंडियों में आवक काफी कम रह गई है। गुजरात की प्रमुख मंडी गोंडल में 1000/1100 बोरी एवं राजकोट 200/250 बोरी की आवक हो रही है जबकि राजस्थान की रामगंज मंडी में आवक 2500/3000 बोरी के अलावा बारां 200/300 बोरी एवं कोटा 500/700 बोरी की चल रही है। मध्य प्रदेश की गुणा मंडी में 1500/2000 बोरी की आवक हो रही है। कुम्भराज एवं नीमच में आवक 500/700 बोरी की रह गई है।
उत्पादन
सूत्रों का मानना है कि विगत तीन वर्षों से देश में धनिया का उत्पादन घटने के पश्चात वर्ष 2027 में उत्पादन में वृद्धि हो गयी क्योंकि चालू सीजन के दौरान किसानों को उनकी उपज का मूल्य अधिक मिला है। वर्तमान में धनिया के भाव गत वर्ष की तुलना में दोगुणा चल रहे हैं। चालू सीजन के दौरान बिजाई क्षेत्रफल बढ़ने के कारण उत्पादन भी अवश्य ही बढ़ेगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में देश में धनिया का उत्पादन 1.60 करोड़ बोरी का रहा था जोकि वर्ष 2024 में घटकर 1.20 करोड़ बोरी एवं वर्ष 2025 में 1.10 करोड़ बोरी का रह गया। जबकि वर्ष 2026 में उत्पादन 95/97 लाख बोरी का माना गया।
स्टॉक
उत्पादन में गिरावट आने के कारण स्टॉक भी लगातार घट रहा है। वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों पर धनिया का स्टॉक 24/25 लाख बोरी माना जा रहा है जोकि नई फसल आने तक समाप्त हो जाएगा। चालू सीजन के दौरान नई फसल के समय धनिया का बकाया स्टॉक 20/25 लाख बोरी का माना गया था। व्यापारियों का कहना है कि वर्तमान में गुजरात में धनिया का स्टॉक 8/10 लाख बोरी के अलावा मध्य प्रदेश 10/12 लाख बोरी का स्टॉक होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं जबकि राजस्थान में स्टॉक 4/5 लाख बोरी का माना जा रहा है।
निर्यात कम
चालू सीजन के दौरान धनिया के दाम ऊंचे होने के कारण धनिया निर्यात में गिरावट दर्ज की गई है लेकिन निर्यात भाव अधिक मिलने के कारण आय में वृद्धि दर्ज की गई। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही में धनिया का निर्यात 24 प्रतिशत घटा है जबकि आय में 12 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अप्रैल-जून- 2026 में धनिया का निर्यात 14556 टन का किया गया और निर्यात से प्राप्त आय 214.52 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-जून-2025 में धनिया का निर्यात 19101 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 191.57 करोड़ की रही। वर्ष 2025-26 में धनिया का कुल निर्यात 60211 टन का हुआ था और प्राप्त आय 679.70 करोड़ की रही थी।