ऊंचे दाम पर मांग कमजोर पड़ने से सोयाबीन में नरमी
नई दिल्ली। तीनों शीर्ष उत्पादक प्रांतों- मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान में सोयाबीन के नए माल की आपूर्ति बढ़ने लगी है जबकि सोयामील का निर्यात प्रदर्शन बेहद कमजोर चल रहा है। घरेलू प्रभाग में भी ऊंचे दाम के कारण इसकी खपत पर असर पड़ने की आशंका है। हालांकि पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष के दौरान सोयाबीन के घरेलू उत्पादन में गिरावट आने की संभावना है लेकिन जब तक नए माल की आपूर्ति की स्थिति बेहतर रहेगी तब तक कीमतों में जोरदार तेजी आना मुश्किल लगता है। वैसे भी सोयाबीन का प्लांट डिलीवरी मूल्य पहले से ही 7000 रुपए प्रति क्विंटल से ऊपर चल रहा है।
प्लांट भाव
24-30 अक्टूबर वाले सप्ताह के दौरान सोयाबीन के प्लांट डिलीवरी मूल्य में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई और भाव गिरकर 7000-7200 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। राष्ट्रीय स्तर पर सोयाबीन की औसत दैनिक आवक बढ़ते हुए 6.75 लाख बोरी (क्विंटल) पर पहुंच गई।
सोया तेल (रिफाइंड)
सोया रिफाइंड तेल की कीमतों में 2-3 रुपए प्रति किलो की गिरावट देखी गई क्योंकि एक तो सोयाबीन का भाव गिर गया और दूसरे विदेशों से क्रूड सोया तेल का भारी आयात हो रहा है जो अपेक्षाकृत सस्ता है। सोयाबीन तेल का भाव हल्दिया में 15 रुपए फिसलकर 1415 रुपए प्रति 10 किलो, कोटा और कांडला में 20-20 रुपए गिरकर क्रमश: 1460 रुपए एवं 1410 रुपए प्रति 10 किलो तथा मुम्बई में 40 रुपए घटकर 1400 रुपए प्रति 10 किलो रह गया।
सोया खल (डीओसी)
सोयाबीन एवं सोयातेल की भांति सोया डीओसी के दाम में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। महाराष्ट्र में इसके मूल्य में 1000-1500 रुपए प्रति टन की नरमी रही जबकि कुछ प्लांटों में यह 2000 से 3500 रुपए प्रति टन तक घट गया। आमतौर पर सोया डीओसी का भाव 60,000 रुपए प्रति टन से ऊंचा चल रहा है।