साप्ताहिक समीक्षा- धान चावल

30-May-2026 09:35 PM

अधिकांश मंडियों में धान की आवक बंद- चावल के दाम में उतार-चढ़ाव 

नई दिल्ली। देश की अधिकांश प्रमुख मंडियों में बासमती तथा 'ए' ग्रेड धान की आवक नहीं या नगण्य हो रही है जिसमें नरेला, नजफगढ़, करनाल, अमृतसर एवं अलीगढ़ आदि शामिल हैं। केवल छत्तीसगढ़ के भाटपाड़ा तथा राजिम, राजस्थान के बूंदी एवं कोटा तथा उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जैसी मंडियों में ही धान की थोड़ी-बहुत आवक हो रही है। दिल्ली की नरेला मंडी में पहले रोजाना धान आ रहा था मगर अब कभी-कभी ही आता है। 
आवक 
23-29 मई वाले सप्ताह के दौरान कोटा मंडी में 750-800 बोरी तथा बूंदी मंडी में 1500-2000 बोरी धान की औसत दैनिक आवक हुई और अच्छी खरीद-बिक्री होने से कीमतों में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश की शाहजहांपुर मंडी में भी 1000-2000 बोरी धान रोजाना पहुंचा और मिलर्स तथा निर्यातकों की थोड़ी-बहुत लिवाली होने से दाम में 70-100 रुपए प्रति क्विंटल का इजाफा हो गया। लेकिन भाटापाड़ा 6 से 10 हजार बोरी तथा राजिम में 10-12 हजार बोरी धान की रोजाना आपूर्ति हुई। 
भाटापाड़ा 
भाटापाड़ा में महामाया धान का भाव 200 रुपए घटकर 2400/2500 रुपए प्रति क्विंटल तथा राजिम मंडी में बीपीटी धान का दाम 70 रुपए गिरकर 2130 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। नरेला मंडी में शन्ति बनी रही। 
चावल 
जहां तक चावल का सवाल है तो यद्यपि ईरान-अमरीका के बीच तनाव दोबारा बढ़ने तथा होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही लगभग बंद होने से पश्चिम एशिया, मध्य पूर्व एवं खाड़ी क्षेत्र के देशों में भारत से बासमती चावल का निर्यात अब भी प्रभावित हो रहा है लेकिन अन्य देशों में शिपमेंट की स्थिति काफी हद तक सामान्य है। इसके फलस्वरूप चावल की खरीद में निर्यातकों की मांग बनी हुई है। 
पंजाब (अमृतसर) 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान भाटापाड़ा में एचएमटी चावल का भाव 100 रुपए सुधरकर 5500/5600 रुपए प्रति क्विंटल तथा अमृतसर (पंजाब) में 1509 सेला चावल का दाम 100 रुपए बढ़कर 7750/7800 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। वहां कुछ अन्य किस्मों एवं श्रेणियों के चावल का दाम भी 100-200 रुपए प्रति क्विंटल तेज रहा। 
उत्तराखंड 
लेकिन उत्तराखंड की नगर मंडी में लगभग सभी प्रमुख किस्मों के चावल की कीमतों में 250-350 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज हुई। 
दिल्ली 
बूंदी में चावल का भाव तेज रहा और दिल्ली के नया बाजार में भी कीमतों में 100-200 रुपए की तेजी रही। ध्यान देने वाली बात है कि सामान्य श्रेणी या गैर बासमती चावल के निर्यात का प्रदर्शन बेहतर चल रहा है और इसके शिपमेंट में कोई खास समस्या नहीं है।