साप्ताहिक समीक्षा-तुवर

20-Jun-2026 09:14 PM

तुवर बाजार में उतार-चढ़ाव, कमजोर मांग से दबाव; जुलाई में सुधार की उम्मीद

मुम्बई।ग्राहकी का अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने से चालू सप्ताह के दौरान तुवर बाजार में तेजी-मंदी का रुख बना रहा। घरेलू बाजार में तुवर दाल की मांग कमजोर रहने के कारण दाल मिलों की खरीदारी सीमित बनी हुई है, जिससे कीमतों पर दबाव बना हुआ है। बर्मा और अफ्रीकी देशों से आयातित तुवर के सस्ते ऑफर भी कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। आयातित माल की उपलब्धता के कारण खरीदार फिलहाल जरूरत के अनुसार ही खरीदारी कर रहे हैं। वहीं, प्रमुख दलहन उत्पादक क्षेत्रों में मानसून की प्रगति धीमी बनी हुई है। भारत में लगभग दो-तिहाई तुवर का उत्पादन महाराष्ट्र और कर्नाटक में होता है, जहां अब तक वर्षा सामान्य स्तर तक नहीं पहुंची है। इसके अलावा देश में खरीफ दलहन फसलों, विशेषकर तुवर की बुवाई भी अभी व्यापक स्तर पर शुरू नहीं हो सकी है। हालांकि उत्पादक मंडियों में देसी तुवर की आवक लगातार घट रही है, जिससे निचले स्तर पर बाजार को कुछ समर्थन मिल रहा है। व्यापारियों का मानना है कि जुलाई से तुवर दाल की खपत बढ़ने की संभावना है, जिससे मांग में सुधार आ सकता है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान में कमजोर मांग के कारण तुवर पर दबाव बना रह सकता है, लेकिन घटती आवक, मानसून की स्थिति और आगामी महीनों में बढ़ने वाली खपत के चलते बाजार में आगे सुधार देखने को मिल सकता है।
आयातकों की बिकवाली का दबाव बढ़ने तथा मांग कमजोर पड़ने से मुंबई अफ्रीकन तुवर की कीमतों में चालू सप्ताह के दौरान 50/100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। सप्ताहांत में मोजाम्बिक सफेद के भाव 6100 रुपए, गजरी 6000/6025 रुपए, मटवारा 5900/5950 रुपए, मलावी 5750 रुपए तथा सूडान 7800/7850 रुपए प्रति क्विंटल रह गए। वहीं दूसरी ओर चेन्नई बाजार में तुवर लेमन की कीमतों में भी इस सप्ताह 50 रुपए प्रति क्विंटल का मंदा देखा गया, जिसके बाद सप्ताहांत में भाव 7550/7600 रुपए प्रति क्विंटल रह गए।
आयातित     
निर्यातकों की बिकवाली कमजोर पड़ने व लिवाली बढ़ने से बर्मा तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 25 डॉलर प्रति टन की तेजी दर्ज की गयी और इस तेजी के साथ भाव सप्ताहांत में 860 डॉलर प्रति टन हो गयी।                                                                                            दिल्ली 
पोर्ट की गिरावट के असर व  मांग सुस्त पड़ने  से चालू साप्ताह के दौरान दिल्ली तुवर लेमन में 25 रुपए व देसी तुवर में 50 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में लेमन 7950 रुपए व देसी 8200/8300 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।  
महाराष्ट्र 
दाल मिलर्स की मांग कमजोर पड़ने से  इस साप्ताह महाराष्ट्र तुवर की कीमतों में 50/100 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी मंदी देखी गयी और इस तेजी मंदी के साथ भाव  सप्ताहांत में  सोलापुर में 7400/8000 रुपये,अकोला 8100/8150 रुपए, लातूर में 7700/7850 रुपये, नागपुर 8050/8125 रुपये, बार्शी 7500/7700 रुपये हिंगणघाट 7000/8100 रुपए व उदगीर 7000/7900 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
कर्नाटक   
बिकवाली बढ़ने व लिवाली कमजोर पड़ने से  चालू साप्ताह के दौरान कर्नाटक तुवर की कीमतों में 100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गयी और इस गिरावट  के साथ भाव सप्ताहांत में गुलबर्गा 7500/8211 रुपए रायचूर 6539/7739 रुपए बीदर 7505/8191 रुपए व तालिकोट 6539/7811 रुपए प्रति क्विंटल हो गयी।    
मध्य प्रदेश
दाल मिलर्स लिवाली सुस्त पड़ने से मध्य प्रदेश तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 50/100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में कटनी 8000/8100 रुपए जबलपुर 5000/7350 रुपए पिपरिया 5500/7250 रुपए व करेली 5000/7255 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी। 
अन्य 
लिवाली बढ़ने से रायपुर तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 50 रुपए प्रति क्विंटल सुधार के साथ भाव सप्ताहांत  में 8050/8300 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी। जबकि कानपुर तुवर की कीमतों में भी इस साप्ताह 50 रुपए प्रति क्विंटल की घट बढ़  देखी गयी और सप्तहांत में भाव 7400 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रह गयी।
तुवर  दाल 
तुवर की गिरावट  के असर व मांग शांत पड़ने से चालू साप्ताह के दौरान तुवर दाल की कीमतों में 100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज किया गया और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में दिल्ली फटका 11300/12150 रुपए, कटनी फटका 11200/11400 रुपए, अकोला 11200/12500 रुपए,लातूर फटका 11900/12100 रुपए, गुलबर्गा फटका 11500/12200 रुपए व कानपुर फटका 9000/12100 रुपए प्रति क्विंटल रह  गयी।