साप्ताहिक समीक्षा-तुवर

30-Mar-2026 12:41 PM

तुवर बाजार में मजबूती का रुख, महंगे आयात और सीमित आवक से बढ़ी तेजी

मुम्बई। चालू सप्ताह के दौरान तुवर बाजार में मजबूती का स्पष्ट रुख देखने को मिला। पिछले दिनों घटे भावों पर बिकवाली कमजोर पड़ने और दाल मिलर्स की लिवाली बढ़ने से बाजार को अच्छा समर्थन मिला, जिससे कीमतों में तेजी बनी रही। बाजार में तेजी के पीछे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही कारण प्रमुख रूप से सक्रिय रहे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारतीय दाल बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। इस तनाव के चलते वैश्विक शिपिंग और लॉजिस्टिक्स पर दबाव बढ़ा है, जिससे आयात भाड़ा महंगा हो गया है। आयात भाड़ा बढ़ने के कारण तुवर की आयात पड़तल महंगी बैठ रही है। परिणामस्वरूप, आयातक ऊंचे भाव पर ही बिकवाली कर रहे हैं, जिससे घरेलू बाजार में कीमतों को मजबूती मिल रही है। आयात लागत में वृद्धि ने बाजार के भाव को एक मजबूत आधार प्रदान किया है और व्यापारियों के अनुसार, यह स्थिति निकट भविष्य में भी जारी रह सकती है। दूसरी ओर, घरेलू स्तर पर दाल मिलर्स और स्टॉकिस्टों की सक्रिय लिवाली भी बाजार को समर्थन दे रही है। मिलर्स द्वारा नियमित खरीदारी से बाजार में मांग बनी हुई है, जबकि स्टॉकिस्ट भी सीमित स्तर पर स्टॉक बढ़ा रहे हैं, जिससे कीमतों में गिरावट पर रोक लग रही है। हालांकि, मार्च क्लोजिंग का असर भी बाजार पर साफ दिखाई दिया। वित्तीय वर्ष के अंत के चलते देशभर की अधिकांश मंडियां बंद रहीं, जिससे तुवर की आवक कमजोर रही। मंडियों में सीमित सप्लाई के कारण बाजार में उपलब्धता घट गई, जिसने कीमतों को और मजबूती प्रदान की। आयातकों की बिकवाली कमजोर पड़ने और मांग में सुधार होने से मुंबई अफ्रीकन तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 50 रुपए प्रति क्विंटल का सुधार दर्ज किया गया और इस सुधार  के साथ सप्ताहांत में भाव मोज़ाम्बिक सफ़ेद 6650/6700 रुपए गजरी 6450/6500 रुपए मटवारा 6350/6400 रुपए मलावी 5950/6000 रुपए व सूडान 8000 रुपए प्रति क्विंटल होगयी। वहीं दूसरी ओर चेन्नई बाजार में तुवर लेमन की कीमतों में भी 50 रुपए प्रति क्विंटल का सुधार दर्ज किया गया और इस सुधार के साथ भाव सप्ताहांत में 7950 रुपए प्रति क्विंटल हो गए। 
आयातित     
निर्यात मांग कमजोर बनी रहने से बर्मा तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 25 डॉलर प्रति टन की नरमी दर्ज की गयी और इस नरमी के साथ भाव सप्ताहांत में 845 डॉलर प्रति टन रह गयी। 
दिल्ली 
पोर्ट की तेजी  केसमर्थन व मांग बढ़ने से चालू साप्ताह के दौरान दिल्ली तुवर लेमन में  100 रुपए व देसी तुवर में 100 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गयी और इस तेजी के साथ भाव सप्ताहांत में लेमन 8100 रुपए व देसी 8300/8400 रुपए प्रति क्विंटल हो गयी।  
महाराष्ट्र 
दाल मिलर्स की मांग बेहतर होने से इस साप्ताह महाराष्ट्र तुवर की कीमतों में 150/300 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी देखी गयी और इस बढ़ोतरी  के साथ भाव  सप्ताहांत में  सोलापुर में 7500/8200 रुपये,अकोला 8050/8100 रुपए, लातूर में 8000/8050 रुपये, नागपुर 8000/8050 रुपये, बार्शी 6800/7800 रुपये व उदगीर 7200/7900 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
कर्नाटक   
लिवाली  बनी रहने से चालू साप्ताह के दौरान कर्नाटक तुवर की कीमतों में 100/200 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी  दर्ज की गयी और इस तेजी के साथ भाव सप्ताहांत में गुलबर्गा 7200/8200 रुपए रायचूर  7554/8000 रुपए बीदर 7524/8333 रुपए व तालिकोट 6500/7819 रुपए प्रति क्विंटल हो गयी।    
मध्य प्रदेश
दाल मिलर्स की मांग बेहतर बनी रहने से मध्य प्रदेश तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 200/300 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी देखी गयी और इस बढ़ोतरी  के साथ भाव सप्ताहांत में कटनी 8100/8200 रुपए जबलपुर 5000/7500 रुपए पिपरिया 6000/7800 रुपए व करेली 6400/7831 रुपए प्रति क्विंटल हो गयी। 
अन्य 
चौतरफा तेजी के समर्थन व मांग  बनी रहने से रायपुर तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 100 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़त के साथ भाव सप्ताहांत  में 8000/8250 रुपए प्रति क्विंटल हो गयी। इसी प्रकार कानपुर तुवर की कीमतों में भी इस साप्ताह 100 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़त देखी गयी और सप्तहांत में भाव 7300 रुपए प्रति क्विंटल हो गयी।
तुवर दाल 
तुवर की तेजी के समर्थनव मांग में सुधार होने से चालू साप्ताह के दौरान तुवर दाल की कीमतों में 100/200 रुपए प्रति क्विंटल का सुधार दर्ज किया गया और इस सुधार के साथ भाव सप्ताहांत में दिल्ली फटका 11650/12450 रुपए, कटनी फटका 11150/11350 रुपए, अकोला 11300/12500 रुपए,लातूर फटका 12000/12200 रुपए, गुलबर्गा फटका 11000/12000 रुपए व कानपुर फटका 10700/10800 रुपए प्रति क्विंटल हो गयी।