साप्ताहिक समीक्षा-तुवर

14-Mar-2026 09:25 PM

मांग सीमित रहने से तुवर बाजार में उतार-चढ़ाव

मुम्बई। चालू सप्ताह के दौरान तुवर बाजार में तेजी-मंदी का मिला-जुला रुख देखने को मिला। मांग सीमित बनी रहने के कारण कीमतों में स्पष्ट तेजी का रुख नहीं बन पाया। बाजार में खरीदारी कमजोर रहने से भावों में स्थिरता नहीं आ सकी और कीमतें सीमित दायरे में ही घूमती रहीं। व्यापारियों के अनुसार तुवर दाल की मांग अपेक्षा के अनुरूप नहीं निकल रही है, जिसके चलते तुवर दाल मिलर्स की लिवाली भी सीमित बनी हुई है। मिलर्स जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी कर रहे हैं, जिससे बाजार में मजबूत तेजी का माहौल नहीं बन पा रहा है। कमजोर मांग के कारण कई मंडियों में व्यापार सुस्त बना हुआ है।हालांकि बाजार जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में तुवर बाजार को कुछ समर्थन मिलने की संभावना बन सकती है। विशेष रूप से महाराष्ट्र में तुवर की सरकारी खरीद (MSP) की रफ्तार तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है। यदि सरकारी एजेंसियां सक्रिय रूप से खरीद बढ़ाती हैं, तो उत्पादक मंडियों में नीचे के स्तरों पर बाजार को मजबूत सहारा मिल सकता है।सरकारी खरीद बढ़ने की स्थिति में किसानों को भी बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी और बाजार में कीमतों में स्थिरता आ सकती है। फिलहाल तुवर बाजार की दिशा मांग की स्थिति, मंडियों में आवक और सरकारी खरीद की गति पर निर्भर करेगी। 
आयातकों की बिकवाली बढ़ने और ग्राहकी सुस्त बनी रहने के कारण मुंबई बाजार में अफ्रीकन तुवर की कीमतों में कोई खास घट-बढ़ देखने को नहीं मिली। बाजार में मांग कमजोर रहने से व्यापार सीमित दायरे में ही होता रहा, जिसके चलते सप्ताहांत तक भाव मोज़ाम्बिक सफ़ेद 6650/6700 रुपए गजरी 6450/6500 रुपए मटवारा 6350/6400 रुपए मलावी 5900/5950 रुपए व सूडान 7950/8000 रुपए प्रति क्विंटल [र स्थिर रह गयी। वहीं दूसरी ओर चेन्नई बाजार में तुवर लेमन की मांग बेहतर देखने को मिली। मिलर्स और व्यापारियों की लिवाली बढ़ने से वहां कीमतों में मजबूती का रुख बना रहा। बेहतर मांग के चलते चेन्नई में तुवर लेमन के भाव में 200 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई, जिससे सप्ताहांत में इसका भाव बढ़कर 8050 रुपये प्रति क्विंटल हो गया।
आयातित     
निर्यात मांग में सुधार होने से बर्मा तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 5 डॉलर प्रति टन का सुधार दर्ज किया गया और इस सुधार के साथ भाव सप्ताहांत में 885 डॉलर प्रति टन हो गयी। 
दिल्ली 
मांग में सुधार होने से चालू साप्ताह के दौरान दिल्ली तुवर लेमन में 50 रुपए व देसी तुवर में भी 50 रुपए प्रति क्विंटल सुधार दर्ज किया गया और इस सुधार के साथ भाव सप्ताहांत में लेमन 8200 रुपए व देसी 8350/8450 रुपए प्रति क्विंटल हो गयी।  
महाराष्ट्र 
दाल मिलर्स की मांग कमजोर बनी रहने से इस साप्ताह महाराष्ट्र तुवर की कीमतों में 100 रुपए प्रति क्विंटल की घट बढ़ देखी गयी और इस घट बढ़  के साथ भाव  सप्ताहांत में  सोलापुर में 7500/8350 रुपये,अकोला 8100/8150 रुपए, लातूर में 8000/8125 रुपये, नागपुर 7950/8025 रुपये, बार्शी 6800/7700 रुपये व उदगीर 7500/8000 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
कर्नाटक   
लिवाली कमजोर बनी रहने से चालू साप्ताह के दौरान कर्नाटक तुवर की कीमतों में 75/150 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में गुलबर्गा 7800/ 8450 रुपए रायचूर 7447/8091 रुपए बीदर 5666/8472 रुपए व तालिकोट 6509/8039 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।    
मध्य प्रदेश
दाल मिलर्स की मांग सिमित बनी रहने से मध्य प्रदेश तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 50/100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में कटनी 8000/8100 रुपए जबलपुर 5000/7650 रुपए पिपरिया 5500/7750 रुपए व करेली 6700/8128 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी। 
अन्य 
चौतरफा गिरावट के असर व मांग  कमजोर बनी रहने से रायपुर तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 50 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत  में 8050/8300 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी। इसी प्रकार कानपुर तुवर की कीमतों में भी इस साप्ताह 50 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी और सप्तहांत में भाव 7250/7300 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी। 
तुवर दाल 
मांग में सुधार होने से चालू साप्ताह के दौरान तुवर दाल की कीमतों में 100/200 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में दिल्ली फटका 11750/12550 रुपए, कटनी फटका 11700/11900 रुपए, अकोला 11400/12600 रुपए,लातूर फटका 12200/12400 रुपए, गुलबर्गा फटका 11200/12000 रुपए व कानपुर फटका 10900/11000 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।